छपरा. अंजली हत्याकांड को लेकर परिजनों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है. परिजन लगातार निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सख्त सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं. इसी क्रम में शनिवार को भरत मिलाप चौक से श्रेया क्लीनिक व ट्रामा सेंटर होते हुए जंक्शन तक कैंडल मार्च निकाला गया. कैंडल मार्च में परिजनों के साथ-साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी शामिल हुए और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर नारेबाजी की. कैंडल मार्च के दौरान मृतका अंजली के भाई सुमित कुमार ने कहा कि रेल एसपी वीणा कुमारी द्वारा दिये गये बयान से परिजन संतुष्ट नहीं हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस इस मामले में लीपा-पोती कर रही है और क्लिनिक संचालक डॉ पंकज कुमार समेत अन्य कथित दोषियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि परिजनों को अब तक यह स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया है कि मामला हत्या का है या आत्महत्या का. परिजनों का कहना है कि यदि यह आत्महत्या का मामला है तो इसके समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य अब तक उन्हें नहीं दिखाया गया है. न तो कोई सुसाइड नोट मिला है और न ही अन्य ऐसे प्रमाण सामने आये हैं, जिससे आत्महत्या की पुष्टि हो सके. ऐसे में परिजन इस पूरे मामले को संदिग्ध मानते हुए स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग कर रहे हैं. वहीं, रेल एसपी ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता कर कहा था कि अंजली हत्याकांड की जांच लगातार जारी है और अब तक के अनुसंधान में कहीं से भी हत्या की पुष्टि नहीं हो पायी है. उन्होंने यह भी कहा था कि सभी बिंदुओं पर गंभीरता से जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जायेगा. हालांकि, परिजन और स्थानीय लोग पुलिस के इस बयान से संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं. उनका कहना है कि जब तक मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच नहीं होती तथा दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा. परिजनों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सच्चाई सामने लाने की मांग की है.
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