छपरा. अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत चल रहा कार्रवाई शनिवार को भी जारी रहा. शनिवार को खुद एसडीएम सड़क पर उतरे और अपनी उपस्थिति में मेजरमेंट करानी शुरू की. उन्होंने सबसे पहले सलेमपुर के पुस्तक दुकान रोड की मेजरमेंट करवाई. सलेमपुर चौक से लेकर मुख्य रोड तक 50 दुकानों का सर्वेक्षण किया गया, इनमें से छह दुकान और मकान ऐसे थे जिनके द्वारा अवैध अतिक्रमण किया गया था उन्हें तोड़ा गया. सदर एसडीओ ने कुछ और मकान और दुकान के अवैध निर्माण को तोड़ने के लिए कार्रवाई शुरू की है. इसके लिए मकान और दुकान मालिक से नक्शे की डिमांड की गयी है कि उन्होंने नगर निगम से नक्शा पास कराकर मकान या दुकान बनाया है कि नहीं. नक्शे के हिसाब से देखा जायेगा की सरकारी जमीन पर कितना अधिक अतिक्रमण किया गया है उसके बाद तोड़ने की कार्रवाई होगी.
प्रशासन के कड़े रुख के बाद लोग खुद तोड़ रहे अपना मकान
जिला प्रशासन के अतिक्रमण के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान का असर कुछ इस कदर हो रहा है कि अब लोग अपने द्वारा किये गये अतिक्रमण को खुद हटा रहे हैं. शनिवार को जब सलेमपुर मोहल्ले में नगर निगम का बुलडोजर लेकर खुद सदर एसडीओ पहुंचे तो उसके पहले ही लोगों ने अपना अपना अवैध निर्माण हटाना शुरू कर दिया था. करीब 30 से 35 मकान और दुकान मालिकों ने अपना अवैध निर्माण हटा लिया था. जो बचे हुए थे उनको खुद अधिकारियों ने तोड़ दिया.गुदरी बाजार में चलना था अभियान, बिना अफसर के गये तोड़ लिए दुकानदार
शनिवार का दिन शहर के सबसे व्यस्ततम और नगर निगम को सबसे अधिक राजस्व देने वाला गुजरी बाजार इलाके का था. यहीं पर अभियान चलना था इसकी जानकारी मिलने के बाद खुद गुदरी बाजार के दुकानदार अपना-अपना अतिक्रमण हटाने में जुट गये थे. कोई छज्जा जाता रहा था तो कोई अपना चढ़ने वाला सीढ़ी तोड़ रहा था. यह दृश्य देख राहगीर यह कहने से नहीं हिचके की इसे कहा जाता है नगर निगम का डर.क्या बोले अधिकारी
अतिक्रमण हटाओ अभियान के लिए जो शेड्यूल जारी किया गया है. उस अनुसार काम होते रहेगा. किसी भी स्तर से लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी.
नितेश कुमार, एसडीओ, सदरडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
