Saran Flood Update : दरियापुर प्रखंड क्षेत्र में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है. बेला शर्मा टोला और सुमेर पट्टी के लोग पहले से ही बाढ़ की विभीषिका झेल रहे थे. इसी बीच शनिवार को मठिया गांव के पास सुखमयी नदी का बांध टूट गया. बांध टूटते ही पानी तेजी से मठिया और सुतिहार गांवों की ओर बढ़ने लगा. इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं.
सुखमयी नदी का बांध टूटने से मचा हड़कंप
बताया जाता है कि नदी के जलस्तर में भारी वृद्धि और पानी के अत्यधिक दबाव के कारण मठिया गांव के पास बांध टूट गया. घटना की सूचना मिलते ही अंचलाधिकारी जयंत कुमार मौके पर पहुंचे. प्रशासन की ओर से बांध को बांधने और पानी के बहाव को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है.
सुतिहार और मठिया सहित आसपास के गांवों के लोग ऊंचे स्थानों की ओर जाने लगे हैं. अचानक बढ़े पानी के कारण ग्रामीणों को अपने घर और सामान की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है.
माही नदी के तटबंध पर भी बढ़ा दबाव
इधर माही नदी के जलस्तर में भी भारी वृद्धि दर्ज की गई है. विश्वंभरपुर, पथरा और पुर्दिलपुर आदि गांवों के समीप तटबंधों पर पानी का दबाव काफी बढ़ गया है. स्थानीय लोगों के अनुसार इन स्थानों पर तटबंध की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है और दबाव बढ़ने पर टूटान का खतरा है.
सीमावर्ती गरखा प्रखंड के बनवारी बसंत और सियारामपुर आदि गांवों के पास भी तटबंध पर पानी का दबाव बढ़ने से खतरा मंडरा रहा है. इससे दरियापुर और आसपास के इलाकों में बाढ़ की आशंका और प्रबल हो गई है.
ग्रामीणों में दहशत, सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे लोग
नदियों के बढ़ते जलस्तर और तटबंधों पर लगातार बढ़ रहे दबाव को लेकर ग्रामीणों में दहशत है. कई परिवार ऊंचे और सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि यदि नदियों के जलस्तर में इसी तरह वृद्धि जारी रही तो स्थिति को नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है.
प्रशासन और जनप्रतिनिधि राहत-बचाव में जुटे
बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की टीम राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई है. संवेदनशील स्थानों पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है. अधिकारियों की ओर से ग्रामीणों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है.
