छपरा. जाम, जलजमाव और अव्यवस्थित बसावट से जूझ रहे छपरा और सोनपुर के लिए विकास की नयी राह खुल गयी है. आयोजना क्षेत्र प्राधिकरण ने भौगोलिक सूचना प्रणाली आधारित मास्टर प्लान तैयार कर लिया है. बिहार सरकार ने इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बनाने की अनुमति के साथ-साथ आवश्यक बजट भी जारी कर दिया है. इस योजना का उद्देश्य छपरा और सोनपुर के आसपास के क्षेत्रों को भविष्य की जरूरतों के अनुसार आधुनिक और व्यवस्थित स्वरूप देना है. इसके तहत छपरा आयोजन क्षेत्र 332 वर्ग किलोमीटर में और सोनपुर आयोजन क्षेत्र 600 वर्ग किलोमीटर में विकसित किया जायेगा.
छपरा: 65 गांवों को मिलाकर बनेगा नया शहर
वर्तमान में छपरा शहर उत्तर में रेलवे लाइन और दक्षिण में सरयू नदी के बीच स्थित है. यह शहर पूरब से पश्चिम तक फैला हुआ है और एक पुराना जिला व प्रमंडलीय मुख्यालय है, लेकिन अपेक्षित विकास अब तक नहीं हो सका है. नये मास्टर प्लान के तहत जिले के तीन प्रखंडों के 65 राजस्व गांवों को शामिल किया गया है. इनमें छपरा सदर के 36, रिविलगंज के 25 और मांझी प्रखंड के 4 राजस्व गांव शामिल हैं.संभावित क्षेत्रीय विस्तार
उत्तर में छपरा सदर के माला, शेरपुर, मालामिर्जा, तुकरा, मेहियां, मौना, डुमरिया, डुमरिया, तेनुआ, मुसेहरी, यमुना मुशहरी, ब्रह्मपुर, फकुली से होते हुए रिविलगंज के राजमल पीरॉरी, जखुआ, पंचपतरा, शेखपुरा, सरेंधा, जिगना व परसा तक शामिल होंगे. दक्षिण में शेरपुर से इनई, मुबारकपुर होते हुए भादपा तक क्षेत्र विस्तारित होगा. पूर्व में विसुनपुरा, शुकुलपुर, महाराजगंज, खलपुरा सहित कई गांव शामिल होंगे, जबकि पश्चिम में रिविलगंज व मांझी क्षेत्र तक विस्तार प्रस्तावित है. टाउनशिप कोर एरिया में छपरा प्रखंड के चार राजस्व ग्राम शामिल हैं, जबकि स्पेशल एरिया में गड़खा, नगरा और छपरा के 78 राजस्व ग्राम रखे गये हैं. कोर एरिया 550 एकड़ और स्पेशल एरिया 15,400 एकड़ में प्रस्तावित है. वहीं शहर की सीमा से दूरी 1.5 किमी है. रेलवे स्टेशन से दूरी आठ किमी और सोनपुर एयरपोर्ट से दूरी 35 किमी है.विकास की रूपरेखा
इस योजना के तहत पार्क, वाहन स्टैंड, सड़क, नाला, जलापूर्ति, नई आवासीय कॉलोनी, फुट ओवर ब्रिज और कचरे से खाद निर्माण संयंत्र जैसी सुविधाओं का विकास किया जायेगा.
