Dangal Competition Parsa: उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परसा के परिसर में आयोजित छह दिवसीय श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के पांचवें दिन रविवार को श्रीकृष्ण पूजा समिति की ओर से भव्य दंगल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. प्रतियोगिता में बिहार समेत विभिन्न राज्यों और नेपाल से पहुंचे महिला एवं पुरुष पहलवानों ने अपने दमखम और कुश्ती के पारंपरिक दांव-पेंच का शानदार प्रदर्शन किया.
दंगल देखने के लिए परसा सहित आसपास के गांवों से हजारों की संख्या में महिला-पुरुष दर्शक पहुंचे. पूरे परिसर में देर रात तक उत्साह और रोमांच का माहौल बना रहा. दंगल के अखाड़े का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि एवं पूर्व विधायक छोटेलाल राय ने पूजा-अर्चना करने के बाद नारियल फोड़कर किया. उद्घाटन के बाद अखाड़े में पहलवानों के बीच मुकाबलों का सिलसिला शुरू हुआ.
इस अवसर पर आयोजन समिति की ओर से उपस्थित अतिथियों को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया. मौके पर नगर पंचायत चेयरमैन प्रतिनिधि अजमुल्लाह, कमलेश राय, अखिलेश कुमार समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे.
छह राज्यों और नेपाल के पहलवानों ने लिया हिस्सा
पुरुष वर्ग की प्रतियोगिता में कुल 12 पहलवानों ने भाग लिया. इसमें नेपाल, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार और बंगाल के पहलवान शामिल थे. अखाड़े में उतरते ही पहलवानों ने एक-दूसरे को चुनौती देते हुए अपने अनुभव और शारीरिक क्षमता का परिचय दिया.
कई मुकाबलों में पहलवानों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली. एक-दूसरे को पटखनी देने के लिए पहलवानों ने कुश्ती के विभिन्न दांव आजमाए, जिस पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं. मुकाबले के दौरान अखाड़े के चारों तरफ दर्शकों की भीड़ लगी रही.
पहलवान जैसे ही अपने प्रतिद्वंद्वी को चित करने के लिए दांव लगाते, दर्शकों का उत्साह चरम पर पहुंच जाता. पुरुष वर्ग के फाइनल मुकाबले में बिहार और राजस्थान के पहलवानों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की. दोनों राज्यों के पहलवानों के प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा.
महिला पहलवानों ने भी दिखाया दम
दंगल प्रतियोगिता में महिला पहलवानों के मुकाबले भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहे. महिला वर्ग में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और राजस्थान की चार पहलवानों ने हिस्सा लिया. महिला पहलवानों ने भी पूरे आत्मविश्वास और जोश के साथ अखाड़े में उतरकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया.
महिला वर्ग के फाइनल मुकाबले में छपरा, बिहार और उत्तर प्रदेश की पहलवानों ने जीत हासिल की. महिला पहलवानों के मुकाबले को देखने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं और युवतियां भी मौजूद रहीं. मुकाबले के दौरान दर्शकों ने तालियों और उत्साहवर्धन से महिला पहलवानों का हौसला बढ़ाया.
पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने पर जोर
श्रीकृष्ण पूजा समिति की ओर से आयोजित इस दंगल प्रतियोगिता ने क्षेत्र में पारंपरिक कुश्ती को बढ़ावा देने के साथ युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित करने का भी काम किया. आयोजकों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में दंगल जैसी प्रतियोगिताएं युवाओं में अनुशासन, शारीरिक क्षमता और खेल भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं.
ऐसी प्रतियोगिताओं से स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर भी मिलता है. प्रतियोगिता के समापन के बाद श्रीकृष्ण पूजा समिति के अध्यक्ष शैलेन्द्र यादव, डॉ. संजय कुमार राय, चंदन कुमार, विकास यादव, अंकित कुमार, हैप्पी यादव, रितेश यादव, फैज आलम, रोहित यादव और ओमप्रकाश समेत समिति के अन्य सदस्यों ने पहलवानों को सम्मानित किया.
विजेता पहलवानों का उत्साहवर्धन करते हुए आयोजकों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. दंगल के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर आयोजन समिति के सदस्य सक्रिय रहे. कार्यक्रम में उमड़ी भारी भीड़ से स्पष्ट रहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी पारंपरिक कुश्ती और दंगल के प्रति लोगों में खासा आकर्षण कायम है.
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित इस प्रतियोगिता ने धार्मिक आयोजन के साथ खेल और लोक परंपरा का भी सुंदर संगम प्रस्तुत किया.
