Saran Flood Update : सारण में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है. जिले के सात प्रखंडों की 33 पंचायतों के 93 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं. प्रशासन के अनुसार कुल 2,05,849 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. राहत और बचाव कार्यों के लिए जिला प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है. प्रभावित इलाकों में 119 नाव और छह बोट एंबुलेंस का परिचालन किया जा रहा है. वहीं 377 पशुओं को पशु आश्रय स्थलों में रखा गया है. शनिवार को दिघवारा प्रखंड में माही नदी के दायां तटबंध में टूटान के बाद उसकी मरम्मत का काम युद्धस्तर पर जारी है.
119 नाव और 6 बोट एंबुलेंस से राहत-बचाव
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के आवागमन और राहत-बचाव कार्य के लिए कुल 119 नाव एवं छह बोट एंबुलेंस संचालित किए जा रहे हैं. बोट एंबुलेंस के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. प्रभावित परिवारों के बीच पॉलिथीन शीट, सूखा राहत राशन और अन्य आवश्यक सामग्री का वितरण लगातार किया जा रहा है.
माही तटबंध में 12 मीटर का टूटान, मरम्मत जारी
दिघवारा प्रखंड अंतर्गत माही नदी के दायां तटबंध में शनिवार सुबह करीब 5:30 बजे पानी के अत्यधिक दबाव के कारण लगभग 12 मीटर का टूटान हो गया. सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया.
तटबंध के टूटे हिस्से की मरम्मत युद्धस्तर पर की जा रही है. जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता, कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता सहित तकनीकी टीम मौके पर मौजूद रहकर कार्य की निगरानी कर रही है. प्रशासन ने मरम्मत कार्य को जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा है.
तीन पंचायतों पर बाढ़ का असर
तटबंध टूटने से दिघवारा प्रखंड की तीन पंचायतें प्रभावित हुई हैं. प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई की गई है. अकिलपुर पंचायत में नावों का परिचालन जारी है. प्रभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ की टीम तैनात है, जबकि एनडीआरएफ की टीम भी राहत एवं बचाव कार्य के लिए पहुंच रही है.
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीमें तैनात
स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रखने के लिए प्रखंडवार मेडिकल टीमों को लगाया गया है. रिविलगंज में तीन, सदर छपरा में छह, दिघवारा में तीन, सोनपुर में छह और मकेर में एक मेडिकल टीम प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रही है. मोबाइल मेडिकल टीमों की तत्परता से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षित प्रसव भी कराया गया है.
सोनपुर में 1.30 लाख लोग प्रभावित
सोनपुर प्रखंड की सबलपुर पूर्वी, सबलपुर पश्चिमी, सबलपुर उत्तरी, सबलपुर मध्यवर्ती, नजरमीरा, शाहपुर, खरीका भरपुरा, गंगाजल, कस्मर, सैदपुर, हासिलपुर, रसूलपुर, शिकारपुर, जहांगीरपुर, नयागांव एवं कल्याणपुर पंचायतें प्रभावित हैं. यहां 65 गांवों की 1,30,000 आबादी बाढ़ से प्रभावित है.
प्रखंड में 55 नाव और दो बोट एंबुलेंस संचालित हैं. एक सामुदायिक रसोई चल रही है, जहां अब तक 1,056 लोगों ने भोजन किया है. दो पशु आश्रय स्थल बनाए गए हैं, जहां 101 पशुओं को रखा गया है. प्रभावित परिवारों के बीच 1,200 पॉलिथीन शीट वितरित की गई हैं.
सदर छपरा में 54 हजार से अधिक आबादी प्रभावित
सदर छपरा प्रखंड की कोटवा पट्टी रामपुर, बरहरा महाजी, रायपुर और बिनगांवा तथा आंशिक रूप से मूसेपुर, डुमरी और चिरांद पंचायतें प्रभावित हैं. कुल नौ गांवों की 54,328 आबादी प्रभावित हुई है. यहां 30 नाव और दो बोट एंबुलेंस परिचालित हैं. एक पशु आश्रय स्थल में 101 पशुओं को रखा गया है.
दिघवारा में 17 हजार से अधिक लोग प्रभावित
दिघवारा प्रखंड की अकिलपुर एवं रामपुर आमी पंचायतें प्रभावित हैं. कुल 11 गांवों की 17,442 आबादी प्रभावित हुई है. यहां 21 नाव और एक बोट एंबुलेंस संचालित हैं. दो पशु आश्रय स्थलों में 28 पशुओं को रखा गया है. प्रभावित परिवारों के बीच 450 पॉलिथीन शीट वितरित की जा चुकी हैं.
अन्य प्रखंडों में भी बाढ़ का असर
गरखा प्रखंड की मौजमपुर और इटवा पंचायतों के चार गांवों की 1,179 आबादी प्रभावित है. यहां दो नाव चल रही हैं. एक पशु आश्रय स्थल में 85 पशुओं को रखा गया है और 95 पॉलिथीन शीट बांटी गई हैं.
रिविलगंज नगर पंचायत का क्षेत्र भी आंशिक रूप से प्रभावित है, जहां करीब 2,000 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. यहां छह नाव और एक बोट एंबुलेंस परिचालित है. एक पशु आश्रय स्थल में 44 पशुओं को रखा गया है.
मकेर प्रखंड के बाघाकोल पंचायत का एक गांव प्रभावित है. यहां 300 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. पांच नाव संचालित हैं और 18 पशुओं को आश्रय दिया गया है. प्रभावित परिवारों को 20 पॉलिथीन शीट दी गई हैं.
दरियापुर प्रखंड की मगरपाल, बेला परमौला एवं अकबरपुर पट्टीपुल पंचायतों के तीन गांव प्रभावित हैं. यहां करीब 600 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. प्रभावित परिवारों के बीच 200 पॉलिथीन शीट वितरित की गई हैं.
राहत और बचाव कार्य लगातार जारी
सोनपुर प्रखंड की विभिन्न पंचायतों में पानी प्रवेश करने के बाद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. कम्युनिटी किचन के माध्यम से भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. पॉलिथीन शीट, सूखा राशन और अन्य जरूरी राहत सामग्री भी बांटी जा रही है.
डुमरी, डोरीगंज और चिरांद सहित गंगा के दूसरी ओर स्थित कुछ पंचायतें भी प्रभावित हुई हैं. इन क्षेत्रों में नावों के साथ पॉलिथीन शीट, सूखा राशन और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है.
कंट्रोल रूम से हो रही लगातार निगरानी
जिला और प्रखंड स्तर पर नियंत्रण कक्ष सक्रिय हैं. आपातकालीन संपर्क नंबरों की जानकारी सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से लोगों तक पहुंचाई जा रही है. सभी संबंधित पदाधिकारी और कर्मी अलर्ट मोड में हैं तथा प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर रहे हैं.
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें. प्रशासन का कहना है कि प्रभावित लोगों की सुरक्षा, राहत और बचाव के लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाएं की जा रही हैं.
एक नजर में सारण में बाढ़ का असर
- 7 प्रखंड बाढ़ से प्रभावित.
- 33 पंचायतें प्रभावित.
- 93 गांव बाढ़ की चपेट में.
- 2,05,849 लोग प्रभावित.
- 119 नाव राहत-बचाव में लगीं.
- 6 बोट एंबुलेंस संचालित.
- 377 पशुओं को आश्रय स्थलों में रखा गया.
- माही नदी के तटबंध की मरम्मत युद्धस्तर पर जारी.
