Revelganj Land Acquisition Camp : छपरा में दो महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं से जुड़े भू-अर्जन और मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया को गति देने की पहल तेज हुई है. जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने बुधवार को रिविलगंज के मिथवालिया स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय में लगे भू-अर्जन शिविर का निरीक्षण किया. उन्होंने रैयतों से सीधे संवाद कर लंबित भुगतान और समस्याओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों को पात्र मामलों का समयबद्ध निष्पादन करने का निर्देश दिया.
दो बड़ी सड़क परियोजनाओं से जाम की समस्या दूर होने की उम्मीद
रिविलगंज और सदर प्रखंड से जुड़ी दो बड़ी सड़क परियोजनाओं को जिले के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इन परियोजनाओं के पूरा होने से जिला मुख्यालय की यातायात व्यवस्था और जाम की समस्या को काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है. इसके लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया और प्रभावित रैयतों को मुआवजा भुगतान अहम चरण है.
डीएम ने शिविर में रैयतों से सीधे की बातचीत
जिलाधिकारी ने भू-अर्जन शिविर में मौजूद रैयतों से बातचीत कर मुआवजा भुगतान की स्थिति जानी. उन्होंने लंबित मामलों के कारणों और रैयतों की समस्याओं की जानकारी ली. इसके बाद संबंधित पदाधिकारियों को मामलों के त्वरित समाधान और पात्र रैयतों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
जरूरी कागजात पूरे कर शिविर में जमा करने की अपील
डीएम ने रैयतों से कहा कि वे मुआवजा भुगतान से संबंधित सभी आवश्यक कागजात पूरे कर शिविर में जमा करें. दस्तावेज पूरे होने पर पात्रता के अनुसार मुआवजा राशि के भुगतान की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा सकेगी. प्रशासन ने रैयतों की मदद के लिए कार्यालय में एकल खिड़की की व्यवस्था भी की है.
मुआवजे की गणना पर आपत्ति है तो भुगतान न रोकें
डीएम ने स्पष्ट किया कि किसी रैयत को मुआवजा राशि की गणना या किसी अन्य बिंदु पर आपत्ति है, तो इसके कारण भुगतान की प्रक्रिया अनावश्यक रूप से नहीं रोकी जानी चाहिए. प्रशासन ने आपत्ति दर्ज कराने के लिए सरल प्रारूप तैयार कराया है. रैयत इस प्रारूप में आपत्ति दर्ज कराते हुए मुआवजा राशि प्राप्त कर सकते हैं.
आपत्ति के बाद आर्बिट्रेशन कोर्ट में रख सकते हैं पक्ष
प्रशासन के अनुसार, मुआवजा राशि से जुड़ी आपत्ति के निराकरण के लिए संबंधित रैयत आगे आयुक्त के समक्ष आर्बिट्रेशन कोर्ट में अपना पक्ष रख सकता है. इससे मुआवजा भुगतान और विवाद के समाधान की प्रक्रिया अलग-अलग तरीके से आगे बढ़ाई जा सकती है.
20 प्रतिशत भुगतान लंबित मामलों की भी हुई समीक्षा
निरीक्षण के दौरान डीएम ने 20 प्रतिशत भुगतान लंबित मामलों की भी समीक्षा की. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ऐसे मामलों में तत्काल आवश्यक कार्रवाई करते हुए भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. जिन रैयतों के पास संबंधित रसीद उपलब्ध है, उन्हें रसीद के साथ आवेदन जमा करने को कहा गया है.
जिन रैयतों को नोटिस नहीं मिला, उन्हें भी मिलेगा मौका
निरीक्षण में यह जानकारी सामने आई कि कुछ रैयतों को अभी तक नोटिस नहीं मिला है. डीएम ने संबंधित कार्यालय को ऐसे रैयतों को नियमानुसार नोटिस उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. साथ ही उनके दस्तावेज पूरे कराकर पात्र मामलों में जल्द मुआवजा भुगतान की कार्रवाई करने को कहा.
कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े, प्रशासन की प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने कहा कि भू-अर्जन से जुड़े मामलों में रैयतों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़े. पात्र रैयतों को समयबद्ध तरीके से मुआवजा राशि मिलना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है. उन्होंने लंबित मामलों की नियमित समीक्षा कर उनके त्वरित निष्पादन का निर्देश दिया.
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स्कूल में किचन दुरुस्त, फिर बाहर से भोजन पर डीएम ने जताई आपत्ति
भू-अर्जन शिविर के बाद डीएम ने नवसृजित प्राथमिक विद्यालय, मेथवालिया का भी निरीक्षण किया. उन्होंने स्कूल की मूलभूत सुविधाओं के साथ शौचालय की स्थिति और किचन शेड का जायजा लिया. निरीक्षण में किचन शेड दुरुस्त मिला, जबकि बच्चों को फिलहाल एनजीओ की ओर से भोजन उपलब्ध कराया जा रहा था.
दुरुस्त किचन में ही बच्चों के लिए बनेगा गरमा-गरम खाना
किचन शेड के सही होने के बावजूद बाहर से भोजन मिलने पर डीएम ने आपत्ति जताई. उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि जहां स्कूल का किचन शेड उपलब्ध और दुरुस्त है, वहां विद्यालय स्तर पर बच्चों के लिए गरमा-गरम भोजन तैयार कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.
सीढ़ी का रास्ता बाधित मिलने पर सीओ को निर्देश
डीएम ने विद्यालय के ऊपरी परिसर में जाने वाली सीढ़ी के रास्ते का भी निरीक्षण किया. बताया गया कि बगल के निवासी के बांस के पेड़ के फैल जाने से सीढ़ी तक जाने का रास्ता बाधित हो रहा है. इससे ऊपरी परिसर का उपयोग प्रभावित हो रहा है. डीएम ने अंचल अधिकारी को संबंधित व्यक्ति को नियमानुसार नोटिस देकर समस्या का शीघ्र समाधान कराने का निर्देश दिया.
बच्चों के लिए सुरक्षित और बेहतर माहौल पर जोर
डीएम ने कहा कि विद्यालय में बच्चों को बेहतर और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण मिलना जरूरी है. इसके लिए सभी मूलभूत सुविधाओं का उपलब्ध होना और उनका सुचारु संचालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए. उन्होंने स्कूल से जुड़ी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराने का निर्देश दिया.
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