सारण : रसूलपुर पोखर का पानी अचानक हुआ भूरा, कई मछलियों की मौत, दुर्गंध से ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी

Rasulpur Pond Contaminated Water : सारण के रसूलपुर में स्थानीय पोखर का पानी अचानक गहरा भूरा हो गया है, जिससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है. तेज दुर्गंध और मछलियों की मौत ने स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को जन्म दिया है. स्थानीय लोगों ने तत्काल जांच और सफाई की मांग की है.

Rasulpur Pond Contaminated Water : सारण के रसूलपुर में स्थानीय पोखर के पानी का रंग अचानक गहरा भूरा हो जाने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है. पानी से तेज दुर्गंध निकल रही है और आसपास मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ने की शिकायत है. स्थानीय लोगों के अनुसार पोखर में पलने वाली मछलियां और अन्य जलीय जीव भी मरने लगे हैं. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पानी के नमूने की तत्काल जांच और पोखर की सफाई कराने की मांग की है.

अचानक बदल गया पोखर के पानी का रंग

रसूलपुर पोखर के पानी की स्थिति पिछले कुछ दिनों में तेजी से बिगड़ी है. स्थानीय निवासियों के अनुसार पहले पानी का रंग धीरे-धीरे बदल रहा था, लेकिन अब यह गहरे भूरे रंग का हो गया है. पानी से निकल रही दुर्गंध के कारण पोखर के आसपास रहने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है.

दुर्गंध और मच्छरों के प्रकोप से बढ़ी परेशानी

दूषित पानी के कारण पोखर से भयंकर बदबू आने की शिकायत ग्रामीण कर रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि इसके साथ ही आसपास मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है. इससे लोगों में स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ रही है. हालांकि पानी के दूषित होने की वास्तविक वजह अभी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.

मछलियों और जलीय जीवों पर भी संकट

ग्रामीणों के अनुसार पोखर में पलने वाली मछलियां और अन्य जलीय जीव मरने लगे हैं. जलीय जीवों की मौत से स्थानीय लोगों की चिंता और बढ़ गई है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते पोखर के पानी की जांच और सफाई नहीं कराई गई, तो स्थिति और खराब हो सकती है.

गंदे पानी के स्रोत को लेकर जताई आशंका

स्थानीय लोगों ने पोखर के आसपास से आने वाले नालियों के गंदे पानी को प्रदूषण की संभावित वजह बताया है. ग्रामीणों ने आसपास की मिट्टी के कटाव से गंदगी के पोखर में पहुंचने की आशंका भी जताई है. इन कारणों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और इसके लिए पानी की जांच जरूरी बताई जा रही है.

स्थानीय पोखर की तस्वीर

कई बार सूचना देने का ग्रामीणों ने किया दावा

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पोखर की खराब होती स्थिति की जानकारी संबंधित विभाग और पंचायत स्तर पर कई बार दी गई. इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. ग्रामीणों का कहना है कि समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है और प्रशासन को जल्द मौके पर पहुंचकर स्थिति की जांच करनी चाहिए.

पानी के नमूने की जांच कराने की मांग

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर पोखर के पानी का नमूना लेने और उसकी जांच कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि जांच से पानी के दूषित होने की वास्तविक वजह सामने आएगी और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकेगी.

डी-सिल्टिंग और सफाई की उठी मांग

ग्रामीणों ने पोखर की डी-सिल्टिंग और आवश्यक उपचार के जरिए सफाई कराने की मांग की है. इसके साथ ही पोखर में पहुंचने वाले बाहरी गंदे पानी के स्रोतों को चिह्नित कर बंद करने की भी अपील की गई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि सिर्फ पोखर की सफाई से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा, बल्कि गंदे पानी के स्रोत को भी रोकना जरूरी है.

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By Prabhat khabar news desk

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