सारण : रसूलपुर में सड़क पर चल रहा फर्जी रिकवरी का खेल, गाड़ी रोककर वसूली का आरोप, पुलिस की चेतावनी

Rasulpur Fake Finance Employee : सारण के रसूलपुर में फर्जी फाइनेंस कर्मी वाहन चालकों से ठगी कर रहे हैं. किस्त बकाया बताकर डराया-धमकाया जा रहा है और हजारों रुपये वसूले जा रहे हैं. पुलिस ने संदिग्ध रिकवरी एजेंटों से सावधान रहने और आधिकारिक दस्तावेज जांचने की अपील की है.

Rasulpur Fake Finance Employee : सारण के रसूलपुर चट्टी और आसपास के मुख्य मार्गों पर फर्जी फाइनेंस कर्मी बनकर वाहन चालकों से अवैध वसूली करने का मामला सामने आया है. आरोप है कि गिरोह के सदस्य किस्त बकाया और वाहन जब्त करने की धमकी देकर लोगों से हजारों रुपये ऐंठ रहे हैं. ऑटो, पिकअप वैन और बाइक सवारों को निशाना बनाए जाने की शिकायत है. पुलिस ने लोगों से संदिग्ध रिकवरी एजेंटों से सावधान रहने और किसी भी स्थिति में आधिकारिक दस्तावेज की जांच करने की अपील की है.

गाड़ी रोककर किस्त बकाया का दिखाते हैं डर

रसूलपुर चट्टी और आसपास के इलाकों में फर्जी फाइनेंस कर्मियों के सक्रिय होने का आरोप है. स्थानीय लोगों के अनुसार गिरोह के सदस्य सड़क पर वाहनों को रोककर खुद को फाइनेंस कंपनी या बैंक का रिकवरी एजेंट बताते हैं. इसके बाद किस्त बकाया होने की बात कहकर वाहन जब्त करने की धमकी दी जाती है. आरोप है कि इसी डर का फायदा उठाकर लोगों से नकद रुपये वसूले जा रहे हैं.

ऑटो से लेकर पिकअप और बाइक सवार तक निशाने पर

बीते कुछ दिनों में एनएच-531 समेत रसूलपुर के विभिन्न मुख्य और अंदरूनी रास्तों पर कई वाहन चालकों को कथित रूप से निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है. इनमें ऑटो चालक, पिकअप वैन मालिक और बाइक सवार शामिल बताए जा रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से वाहन चालकों में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है.

पांच से 20 हजार रुपये तक वसूली का आरोप

पीड़ितों के अनुसार गिरोह के सदस्य वाहनों का पीछा कर उन्हें घेर लेते हैं और कथित तौर पर अभद्र व्यवहार करते हैं. आरोप है कि कानूनी कार्रवाई या बदनामी के डर से कई लोग मौके पर ही 5,000 से 20,000 रुपये तक नकद देने को मजबूर हुए. स्थानीय लोगों के अनुसार कई मामलों में पीड़ितों ने बाद में इसकी जानकारी आसपास के लोगों को दी.

फर्जी फाइल और आई-कार्ड से पहचान करना मुश्किल

ठगी का शिकार हुए लोगों का कहना है कि कथित गिरोह में करीब आधा दर्जन लोग शामिल हैं. इनके पास फाइनेंस कंपनियों की तरह दिखने वाली फाइलें, रसीदें और आई-कार्ड होने की बात कही जा रही है. इसी वजह से शुरुआत में इनके फर्जी होने की पहचान करना आसान नहीं होता. हालांकि इन दस्तावेजों की वास्तविकता की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.

कम पुलिस गश्त वाले रास्तों को चुनने का आरोप

पीड़ित वाहन चालकों का आरोप है कि गिरोह एनएच-531 पर रसूलपुर चट्टी से बंशी छपरा गांव और पांडेय छपरा पोखरे तक के रास्तों पर सक्रिय रहता है. लोगों के अनुसार ऐसे स्थानों को निशाना बनाया जाता है, जहां पुलिस की गश्त अपेक्षाकृत कम रहती है. स्थानीय लोगों ने इन मार्गों पर निगरानी बढ़ाने की मांग की है.

शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप

स्थानीय वाहन चालकों का कहना है कि कथित वसूली की घटनाओं को लेकर कई बार स्थानीय स्तर पर शिकायत की गई है. उनका आरोप है कि ठोस कार्रवाई नहीं होने से ऐसे लोगों का मनोबल बढ़ रहा है. हालांकि पुलिस की ओर से इस मामले में जांच या कार्रवाई की स्थिति की विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है.

थानाध्यक्ष ने बताया कैसे बचें ठगी से

रसूलपुर थानाध्यक्ष प्रिंस राज ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि कोई भी वैध फाइनेंस कंपनी या बैंक का रिकवरी एजेंट सड़क पर रोककर नकद पैसे की मांग नहीं कर सकता. उन्होंने लोगों से संदिग्ध व्यक्ति द्वारा वाहन रोकने पर उसका आधिकारिक कर्मचारी कोड, आईडी कार्ड और बैंक की ओर से जारी सीजर लेटर मांगने को कहा है.

संदिग्ध लगे तो वाहन थाने ले जाने की सलाह

थानाध्यक्ष ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की पहचान या दस्तावेज संदिग्ध लगें तो वाहन चालक घबराएं नहीं. ऐसी स्थिति में वाहन को नजदीकी पुलिस थाने ले जाने या पुलिस को सूचना देने की सलाह दी गई है. पुलिस की इस अपील का उद्देश्य वाहन चालकों को फर्जी रिकवरी एजेंटों के नाम पर होने वाली ठगी से बचाना है.

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By Prabhat khabar news desk

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