छपरा. जिले में हो रही रुक-रुककर और तेज बारिश ने नगर निगम के मानसून की तैयारी के दावों को झूठा साबित कर दिया है. नगर निगम ने जलजमाव से निबटने के लिए नालों की सफाई का दावा किया था, लेकिन मंगलवार सुबह हुई बारिश ने इन दावों की पोल खोल दी है. शहर के कई इलाकों में जलजमाव हो गया है और मुख्य सड़कों पर कीचड़ फैल गयी है. इससे राहगीरों को भारी परेशानी हो रही है. लोग हैरान हैं कि जब सफाई पर करोड़ों रुपये खर्च किये जा रहे हैं, तो इसका असर क्यों नहीं दिख रहा है. बारिश के कारण शहर की कई मुख्य सड़कें, जैसे डाक बंगला रोड, सब्जी मंडी, दरोगा राय चौक, भगवान बाजार चौक, गुदरी टक्कर मोड़, और गांधी चौक, पूरी तरह से जलमग्न हो गयी हैं. हर वार्ड की गलियों और मोहल्लों में भी पानी भर गया है. लोगों का कहना है कि अंडरग्राउंड रोड क्रॉस पाइपलाइन की सफाई न होना जलजमाव का मुख्य कारण है, जिस पर कई बार आदेश देने के बावजूद ध्यान नहीं दिया गया.
जलजमाव के कारण सड़कों पर बने गड्ढे भी दिखाई नहीं दे रहे हैं, जिससे कई राहगीर घायल हो चुके हैं. इसके पीछे का कारण खनुआ नाले का अधूरा निर्माण और बुडको द्वारा सड़कों के बीचों-बीच नाला बनाना बताया जा रहा है. खनुआ नाले का काम पिछले छह सालों से चल रहा है, लेकिन अभी तक पूरा नहीं हुआ है, जिससे शहर के बाकी नालों का पानी भी आगे नहीं बढ़ पा रहा है. नमामि गंगे योजना के तहत शहर में पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गयी सड़कों को ठीक से भरा नहीं गया है, जिससे बारिश में गड्ढे बन जा रहे हैं और शहर की स्थिति और भी बदतर हो रही है.साफ सफाई में कहीं कोई कमी नहीं
हर साल की अपेक्षा इस साल साफ सफाई की व्यवस्था ज्यादा हुई है. बुडको की वजह से परेशानी हुई है इससे इनकार नहीं किया जा सकता.लक्ष्मी नारायण गुप्ता, महापौर, नगर निगम
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