जेपीयू में कोर्स वर्क सत्र 2023 की परीक्षा के आयोजन की तैयारियां शुरू

पीएचडी कोर्स वर्क सत्र 2023 के परीक्षा फॉर्म भरने की आज अंतिम तिथि निर्धारित है.

छपरा. पीएचडी कोर्स वर्क सत्र 2023 के परीक्षा फॉर्म भरने की आज अंतिम तिथि निर्धारित है. कोर्स वर्क में नामांकित छात्र-छात्राएं निर्धारित प्रक्रिया के तहत 28 फरवरी को संध्या 4:30 बजे तक अपने-अपने विभागों में परीक्षा फॉर्म सबमिट कर सकते हैं. बिना विभागाध्यक्षों के वेरिफिकेशन के फार्म स्वीकृत नहीं किया जायेगा. परीक्षा फार्म के साथ 75% उपस्थित का प्रमाण पत्र व सभी जरूरी एकेडमिक कागजातों को भी संलग्न करना होगा. परीक्षा फॉर्म विश्वविद्यालय के वेबसाइट पर उपलब्ध है. जहां से छात्र-छात्राएं फॉर्म डाउनलोड कर उसमें सभी ब्यौरा भरने के बाद एकेडमिक कागजातों को संलग्न कर पहले विभागाध्यक्ष से वेरीफाइ करायेंगे. इसके बाद निर्धारित शुल्क के साथ अपने-अपने विभाग में फॉर्म जमा करेंगे.

विदित हो कि कोर्स वर्क की परीक्षा फॉर्म भरने के लिए 75 प्रतिशत उपस्थिति जरूरी है. हालांकि कई विभागों में कंप्यूटर प्रशिक्षण की कक्षाएं संचालित नहीं हुई थी. ऐसे में 27 फरवरी तक अलग-अलग विभागों में शेड्यूल बनाकर कंप्यूटर की कक्षा संचालित करायी गयी अब कंप्यूटर की कक्षाएं पूरी हो गयी हैं. अधिकतर छात्रों ने परीक्षा फॉर्म भर भी लिया है.. कुछ छात्र-छात्राओं का परीक्षा फॉर्म अब तक नहीं जमा हो सका है. जो आज हर हाल में अपना फार्म जमा करेंगे. परीक्षा नियंत्रक डॉ अशोक कुमार मिश्रा ने बताया कि परीक्षा फॉर्म भरने की तिथि विस्तारित नहीं की जायेगी. चुकी एक मार्च से विश्वविद्यालय में होली का अवकाश है. छह मार्च से पुनः विश्वविद्यालय में एकेडमिक व कार्यालय से संबंधित सभी कामकाज शुरू होंगे. परीक्षा 10 मार्च को होनी है. ऐसे में अवकाश की अवधि में ही सभी छात्र-छात्राओं का एडमिट कार्ड तैयार कर लिया जायेगा. विश्वविद्यालय खुलते ही एडमिट कार्ड विभागों में भेज दिया जायेगा. परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि होली के अवकाश के बाद विश्वविद्यालय खुलते ही एडमिट कार्ड का वितरण शुरू कर दिया जायेगा.

300 छात्र-छात्राएं देंगे कोर्स वर्क की परीक्षा

जयप्रकाश विश्वविद्यालय में पीएचडी का सेशन दो साल पीछे चल रहा है. अभी पीएचडी सत्र 2023 संचालित हो रहा है. सत्र 2023 के कोर्स वर्क में दाखिले के लिए वर्ष 2024 में पीएचडी प्रवेश परीक्षा आयोजित की गयी थी. जिसमें करीब 400 छात्र-छात्राएं उत्तीर्ण हुए थे. जिसमें से 300 छात्र-छात्राओं को कोर्स वर्क में दाखिला मिला था. कोर्स वर्क में नामांकन के बाद कंप्यूटर प्रशिक्षण व रिसर्च एंड मैथोलॉजी पर आधारित कक्षाएं आयोजित हुई. कोर्स वर्क की अवधि छह माह की होती है. कोर्स वर्क की परीक्षा उत्तीर्ण करने के पश्चात डीआरसी की बैठक में छात्रों को गाइड अलॉट कर दिया जायेगा. गाइड के मार्गदर्शन में ही विधिवत रूप से शोध कार्य प्रारंभ हो सकेगा. गाइड व शोधार्थी के बीच विचार-विमर्श के बाद ही रिसर्च के विषय का टॉपिक निर्धारित होगा.

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By ALOK KUMAR

ALOK KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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