छपरा. जिला मुख्यालय स्थित 132/33 केवी तेलपा ग्रिड उपकेंद्र में वार्षिक मेंटेनेंस कार्य के चलते रविवार को शहर और ग्रामीण इलाकों की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी. सुबह 10 बजे से लेकर शाम पांच बजे तक बिजली गुल रहने के कारण भीषण ठंड में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. रविवार का दिन होने के बावजूद लोग न तो टीवी देख पाये और न ही गीजर व हीटर का आनंद ले सके. तेलपा ग्रिड से निकलने वाले 33 केवी के राजेंद्र सरोवर फीडर, सर्किल फीडर और तेलपा फीडर से जुड़े सभी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप रही. मुख्य रूप से शहर के बैंक कॉलोनी, नेहरू चौक, मोहन नगर, तेलपा, रौजा, कटहरी बाग, रामनगर ढाला, थाना चौक, नगरपालिका चौक, साहेबगंज, म्युनिसिपल चौक, श्री नन्दन पथ, धर्मनाथ जी मंदिर और भगवान बाजार थाना रोड जैसे इलाकों में दिनभर अंधेरा छाया रहा. कई ग्रामीण फीडर भी इस कटौती से सीधे प्रभावित हुए.
जलापूर्ति ठप होने से बढ़ा संकट
बिजली गुल होने का सबसे बड़ा असर शहर की जलापूर्ति व्यवस्था पर पड़ा. शहर के अधिकांश जलापूर्ति केंद्र बिजली पर निर्भर हैं, ऐसे में बिजली कटते ही पानी की सप्लाई भी बंद हो गयी. स्थानीय निवासी रामजी प्रसाद ने बताया कि बिजली कटने से घरों की टंकियां खाली हो गयीं और दैनिक कार्यों के लिए पानी का घोर संकट पैदा हो गया. उपभोक्ताओं ने आक्रोश जताते हुए कहा कि जलापूर्ति केंद्रों पर जेनरेटर की वैकल्पिक व्यवस्था का प्रस्ताव अब तक कागजों में ही दबा है. बिजली कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, ग्रिड में लगे पुराने आइसोलेटर्स को बदलने और सिस्टम के सुदृढ़ीकरण के लिए यह शटडाउन लिया गया था. नियमित मेंटेनेंस न होने पर आए दिन तकनीकी खराबी के कारण लंबे समय तक बिजली बाधित होने का खतरा रहता है.क्या बोले अधिकारी
ग्रिड के मेंटेनेंस के लिए बिजली आपूर्ति बाधित की गयी थी. इसकी सूचना पहले ही अखबारों और सोशल मीडिया के माध्यम से दे दी गयी थी. बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर मेंटेनेंस करना अनिवार्य है.धीरज कुमार, सहायक अभियंता, एनबीपीडीसीएल
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