saran news : छपरा नगर निगम में सियासत गरमायी, पार्षदों ने महापौर के खिलाफ खोला मोर्चा
saran news : छपरा. नगर निगम छपरा की राजनीति एक बार फिर गरमाती नजर आ रही है. निगम के पार्षदों ने विभिन्न समस्याओं पर कई महीनों से बोर्ड की बैठक नहीं होने को लेकर महापौर के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने मोर्चा खोलते हुए महापौर को पत्र जारी कर कहा है कि अभिलंब बोर्ड की बैठक बुलायी जाये.
पार्षदों ने कहा कि यदि बैठक नहीं बुलायी जाती है, तो प्रावधान के अनुसार एक-तिहाई से अधिक पार्षदों का समर्थन प्राप्त है, जिसके आधार पर बोर्ड की आपात बैठक बुलाने की पहल की जा सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि बैठक नहीं होने की स्थिति में मामला उच्च अधिकारियों तक ले जाया जायेगा.
इन समस्याओं से परेशान हैं पार्षद
नगर निगम क्षेत्र में साफ-सफाई, जल निकासी, पेयजल, सड़क मरम्मत, स्ट्रीट लाइट, आवास पूर्व की चयनित योजनाएं एवं अन्य जनहित के महत्वपूर्ण विषयों पर कई महीनों से निर्णय नहीं हो पा रहा है. योजनाओं की समीक्षा भी नहीं हो रही है. जो योजनाएं पूरी हुई हैं या आधी-अधूरी हैं, उन पर भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. अन्य कई ऐसे बिंदु हैं, जिन पर बोर्ड की बैठक कर निर्णय लेना आवश्यक है, लेकिन सभी कार्य बाधित हैं. इन्हीं वजहों से पार्षदों में आक्रोश बढ़ा है.
महापौर नहीं बुलाते हैं बैठक, तो आगे की बनाएंगे रणनीति
पार्षदों ने अपने आवेदन में स्पष्ट कहा है कि बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 के प्रावधानों के अंतर्गत आवश्यक संख्या (एक-तिहाई या उससे अधिक) पार्षदों का समर्थन होने पर बोर्ड की आपात बैठक बुलायी जा सकती है. यदि यथाशीघ्र बैठक आहूत नहीं की जाती है, तो सभी पार्षद बाध्य होकर नियमानुसार आगे की कार्रवाई करने तथा उच्चाधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग करने को विवश होंगे. वार्ड पार्षद रीना कुमारी, अनिता देवी, नरगीरा बानों, गुड़िया देवी, सुभी देवी, नाजिया सुल्ताना, संध्या देवी, आसमा खातून, मानत, श्याम कुमार समेत अन्य पार्षदों ने आवेदन पर हस्ताक्षर किये हैं. पत्र की कॉपी नगर आयुक्त, जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों को भी भेजी गयी है.
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