JPU PG में इस बार पढ़ेंगे रामायण-महाभारत से विदेश का राजनीतिक सिस्टम, जानिए सिलेबस की खास बातें

JPU PG Syllabus 2026-28 : जयप्रकाश विश्वविद्यालय के पीजी सत्र 2026-28 के लिए नया सिलेबस जारी हो गया है. इस बार छात्र राजनीति विज्ञान में विदेशी राजनीतिक व्यवस्था, रामायण-महाभारत के राजनीतिक पहलुओं के साथ-साथ फिल्म एंड लिटरेचर जैसे रोचक विषय भी पढ़ेंगे. यह सीबीसीएस पैटर्न के तहत लागू किया गया है.

JPU PG Syllabus 2026-28 : जयप्रकाश विश्वविद्यालय में पीजी सत्र 2026-28 के लिए जारी पहली मेधासूची में शामिल छात्रों का नामांकन अभी जारी है. प्रक्रिया पूरी होने के बाद इंडक्शन सत्र में विद्यार्थियों को सिलेबस और पढ़ाई की व्यवस्था की जानकारी दी जाएगी. विश्वविद्यालय में लागू सीबीसीएस पैटर्न के तहत छात्रों को मुख्य विषय के साथ कई उपयोगी और रोचक विषय पढ़ने का अवसर मिलेगा. राजनीति विज्ञान में विदेशी राजनीतिक व्यवस्था से लेकर रामायण और महाभारत के राजनीतिक-सामाजिक पहलुओं तक की पढ़ाई होगी.

JPU PG में इस बार क्या-क्या पढ़ेंगे छात्र

जयप्रकाश विश्वविद्यालय के पीजी पाठ्यक्रम में सीबीसीएस व्यवस्था के तहत छात्रों को पारंपरिक विषयों के साथ कई नए और रोचक टॉपिक पढ़ने का अवसर मिलेगा. अलग-अलग विभागों और सेमेस्टर के अनुसार पाठ्यक्रम में कई विषयों को शामिल किया गया है.

राजनीति विज्ञान में अमेरिकन से चाइनीज पॉलिटिकल सिस्टम तक

राजनीति विज्ञान के पीजी छात्रों को फॉरेन पॉलिसी और अलग-अलग देशों की राजनीतिक व्यवस्था का अध्ययन कराया जाएगा. पाठ्यक्रम में अमेरिकन, फ्रेंच, स्वीस और चाइनीज पॉलिटिकल सिस्टम जैसे विषय शामिल हैं. इन विषयों को पीजी के अलग-अलग सेमेस्टर में रखा गया है.

अरस्तू, प्लेटो और कार्ल मार्क्स के सिद्धांत भी पढ़ेंगे

राजनीति विज्ञान के विद्यार्थियों को प्रमुख राजनीतिक चिंतकों के विचारों से भी परिचित कराया जाएगा. पाठ्यक्रम में अरस्तू, प्लेटो और कार्ल मार्क्स के सिद्धांत शामिल हैं. इससे छात्रों को राजनीतिक विचारधाराओं और उनके विकास को समझने में मदद मिलेगी.

नेहरू से विवेकानंद और सुभाष तक राजनीतिक सोच की पढ़ाई

सोशल एंड पॉलिटिकल थॉट्स के तहत छात्रों को पंडित जवाहरलाल नेहरू, अरविंदो, स्वामी विवेकानंद, सुभाष चंद्र बोस और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की राजनीतिक सोच से परिचित कराया जाएगा. उनके विचारों के सामाजिक दृष्टिकोण को भी पाठ्यक्रम में जगह दी गई है.

रामायण और महाभारत के राजनीतिक पहलुओं को भी समझेंगे

पीजी के नए सिलेबस में भारतीय राजनीति के सामाजिक और धार्मिक दृष्टिकोण को समझने का अवसर भी मिलेगा. रामायण और महाभारत के धार्मिक व सामाजिक पहलुओं के साथ उनके राजनीतिक महत्व का अध्ययन कराया जाएगा. चाणक्य की नीतियों को भी राजनीतिक दृष्टिकोण से समझने का अवसर छात्रों को मिलेगा.

पुराने ग्रंथों से वर्तमान राजनीति को समझने की कोशिश

रामायण, महाभारत और चाणक्य की नीतियों के तथ्यात्मक अध्ययन से छात्रों को भारतीय राजनीतिक इतिहास को समझने में मदद मिलेगी. इसके साथ वर्तमान राजनीति और उसमें जुड़े मानवीय मूल्यों का तुलनात्मक अध्ययन भी आसान होगा.

अंग्रेजी में फिल्म और लिटरेचर का भी विकल्प

पीजी अंग्रेजी विभाग में सीबीसीएस के तहत फिल्म एंड लिटरेचर को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है. इसमें छात्रों को साहित्य से जुड़ी फिल्मों के जरिए विषय को समझने का अवसर मिलेगा.

'विदेशिया' और 'तीसरी कसम' पर भी पढ़ाई

फिल्म एंड लिटरेचर के तहत लोककवि भिखारी ठाकुर की चर्चित कृति 'विदेशिया' और फणीश्वर नाथ रेणु के उपन्यास 'मारे गये गुलफाम' पर आधारित फिल्म 'तीसरी कसम' की स्क्रिप्ट को विकल्प के रूप में पढ़ने का अवसर मिलेगा. इससे साहित्य और सिनेमा के संबंध को समझने में मदद मिलेगी.

स्वच्छ भारत अभियान भी बनेगा पढ़ाई का हिस्सा

सीबीसीएस के तहत पीजी फर्स्ट सेमेस्टर के छात्रों के लिए भारत सरकार के स्वच्छ भारत अभियान को भी एक विषय के पैटर्न पर पढ़ाया जाएगा. यह एडिशनल विषय होगा और इसकी परीक्षा कुल 100 अंकों की होगी.

50 अंक आंतरिक और वायवा, 50 अंक थ्योरी के

स्वच्छ भारत अभियान से जुड़े एडिशनल विषय में 50 अंक आंतरिक और वायवा परीक्षा के लिए निर्धारित होंगे. बाकी 50 अंकों की थ्योरी परीक्षा होगी. इस व्यवस्था में छात्रों के सैद्धांतिक ज्ञान के साथ उनकी समझ और प्रस्तुति का भी आकलन किया जाएगा.

फैशन डिजाइनिंग और स्किल ट्रेनिंग जैसे विषय भी चुन सकेंगे

फर्स्ट सेमेस्टर उत्तीर्ण करने के बाद सेकेंड से फोर्थ सेमेस्टर के बीच छात्रों को सीबीसीएस के तहत कुछ एडिशनल विषय पढ़ने का अवसर मिलेगा. इनमें फैशन डिजाइनिंग, कम्युनिकेशन लैंग्वेज और स्किल ट्रेनिंग जैसे विषय शामिल हैं.

JPU के सभी 17 PG विभागों में लागू है CBCS

जयप्रकाश विश्वविद्यालय में वर्ष 2018 से पीजी स्तर पर सीबीसीएस सिलेबस लागू है. क्रेडिट सिस्टम के तहत छात्रों को अपने मुख्य विषय के साथ कुछ अन्य विषयों को विकल्प के रूप में पढ़ने का अवसर मिलता है. फिलहाल विश्वविद्यालय के सभी 17 पीजी विभागों में सीबीसीएस व्यवस्था लागू है.

चार कोर कोर्स के आधार पर होगी पढ़ाई और परीक्षा

सीबीसीएस लागू होने के बाद पीजी के प्रत्येक विषय में चार कोर कोर्स बनाए गए हैं. परीक्षा इन्हीं कोर कोर्स के आधार पर होगी. पुराने पैटर्न की तुलना में इसमें विषयों और विकल्पों को लेकर कुछ बदलाव किए गए हैं.

विज्ञान और मानविकी में अलग-अलग तरह का वेरिएशन

सीबीसीएस में विज्ञान संकाय के छात्रों को संबंधित चैप्टर में वेरिएशन मिलेगा. वहीं मानविकी संकाय के विषयों में लिटरेचर से जुड़े हिस्सों में वेरिएशन की व्यवस्था है. सभी सेमेस्टर में एक अनिवार्य एडिशनल विषय भी रखा जाएगा.

नामांकन के बाद इंडक्शन सत्र में मिलेगी पूरी जानकारी

पीजी सत्र 2026-28 की पहली मेधासूची में शामिल छात्रों का नामांकन फिलहाल जारी है. नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद इंडक्शन सत्र आयोजित किया जाएगा. इसमें विद्यार्थियों को सीबीसीएस सिलेबस, विषयों, क्रेडिट सिस्टम और वर्ग संचालन से जुड़ी जानकारी दी जाएगी.

छात्रों के लिए क्यों खास है CBCS पैटर्न

सीबीसीएस व्यवस्था छात्रों को केवल अपने मुख्य विषय तक सीमित रखने के बजाय अलग-अलग उपयोगी विषयों से जोड़ती है. जेपीयू में इसके तहत राजनीति, सामाजिक चिंतन, साहित्य, फिल्म, कम्युनिकेशन और स्किल आधारित विषयों को पढ़ने का अवसर मिलता है. इससे छात्रों को अपनी रुचि के अनुसार अतिरिक्त विषय चुनने की गुंजाइश मिलती है.

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By प्रभात किरण हिमांशु

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