छपरा. विश्व धर्मशाला व प्रशामक देखभाल दिवस के अवसर पर सदर अस्पताल में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अवसर पर होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर मुजफ्फरपुर की वरीय चिकित्सक व सारण की जिला तकनीकी अधिकारी डॉ प्रिया कुमारी ने अस्पताल की ओपीडी में कार्यरत रहते हुए मरीजों एवं उनके अभिभावकों को प्रशामक देखभाल के महत्व के बारे में जागरूक किया है. इस संबंध में डॉ प्रिया ने बताया कि सदर अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को संवेदनशीलता के साथ यह समझाया गया कि जब किसी बीमारी का इलाज संभव नहीं हो, तब मरीज की शारीरिक और मानसिक तकलीफ को कैसे कम किया जा सकता है. उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे मरीजों को गरिमामय जीवन देने के लिए प्रशामक देखभाल एक महत्वपूर्ण माध्यम है, जो न केवल मरीज की तकलीफ को कम करता है, बल्कि उनके परिवार को भी मानसिक संबल प्रदान करता है. इस क्रम में एएनएम स्कूल के सभागार में एक विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया गया.जिसमें स्कूल की छात्राओं को प्रशामक देखभाल से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गयी. छात्राओं को बताया कि जीवन के अंतिम चरण में पहुंचे मरीजों को केवल दवाओं की नहीं, बल्कि मानसिक सहयोग, सहानुभूति और गरिमा की आवश्यकता होती है. उन्होंने छात्राओं से आग्रह किया कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में करुणा और सेवा भाव को अपनाते हुए समाज में इस विषय को लेकर सकारात्मक संदेश फैलाये. क्योंकि नर्सिंग सेवा का मुख्य यही है. उन्होंने यह भी बताया कि प्रशामक देखभाल केवल कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों के लिए ही नहीं, बल्कि एड्स, बुज़ुर्गों की लंबी बीमारी, न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर और अन्य असाध्य रोगों के लिए भी आवश्यक है. उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से बताया कि कैसे इस देखभाल से मरीज के जीवन के अंतिम दिनों को सम्मानजनक बनाया जा सकता है. कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों में संवेदनशीलता और करुणा की भावना को बढ़ावा देना था, जिससे इस मुद्दे को सामाजिक स्तर पर गंभीरता से लें और जरूरतमंदों के लिए एक सहायक भूमिका निभा सकें. इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में नर्सिंग स्टाफ निकिता कुमारी, सुमित कुमार और अमृता कुमारी सहित एएनएम स्कूल की प्रशिक्षिकाओं और छात्राओं का सराहनीय योगदान रहा.
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