Saran News : जलालपुर में बनेगा आधुनिक डेयरी प्रोजेक्ट, सारण के छह लाख पशुपालकों को मिलेगा लाभ

सारण जिले के लगभग छह लाख पशुपालकों के लिए अच्छे दिन आने वाले हैं. जिन पशुपालकों के पास दुधारू पशु है अब उन्हें दूध की अच्छी कीमत मिलेगी इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी.

छपरा. सारण जिले के लगभग छह लाख पशुपालकों के लिए अच्छे दिन आने वाले हैं. जिन पशुपालकों के पास दुधारू पशु है अब उन्हें दूध की अच्छी कीमत मिलेगी इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. जिलाधिकारी अमन समीर के पहल पर जलालपुर प्रखंड में आधुनिक डेयरी प्रोजेक्ट स्थापित होने जा रहा है. दो दिन पहले राज्य मंत्री परिषद की बैठक में इस महत्वाकांक्षी परियोजना को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है. प्रखंड के बंगरा मौजा में 15.5 एकड भूमि में यह योजना क्रियान्वित होगी. यह जमीन पूर्व में शिक्षा विभाग के स्वामित्व में थी अब इसे निःशुल्क एवं स्थायी रूप से पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, बिहार को हस्तांतरित किया जा रहा है.

राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर का एक्सपोर्ट ओरिएंटेड होगा डेयरी प्रोजेक्ट

यह डेयरी योजना एक्सपोर्ट ओरिएंटेड होगा. बिहार में कुछ ही जगह पर है. सरकार का मानना है कि इस परियोजना से न केवल दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी होगी, बल्कि उच्च गुणवत्ता वाले दूध एवं दुग्ध उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात करने का अवसर भी मिलेगा. इससे बिहार को डेयरी उद्योग में नई पहचान हासिल होगी.

मत्स्य एवं पशुपालन विभाग की प्रधान सचिव ने सोनपुर मेला में की थी घोषणा

हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला 2024 के दौरान जब पूर्व अधिकारियों का कॉन्क्लेव चल रहा था तो उसमें पशुपालन एवं मत्स्य विभाग के प्रधान सचिव डॉक्टर एन विजयलक्ष्मी ने इस बात की जानकारी दी थी कि छपरा में एक बहुत बड़ी योजना देने जा रही है. जिला प्रशासन, सारण ने पहले ही इस जमीन की पहचान कर विभाग को प्रस्ताव भेजा था. प्रशासन की अनुशंसा पर मंत्री परिषद ने अंतिम मुहर लगाते हुए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी कर दी है. इससे अब प्लांट निर्माण की दिशा में तेजी से कार्यवाही संभव होगी.

स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती

यह परियोजना यदि चालू हो जाती है तो स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी. सरकार की ओर से कहा गया है कि इस परियोजना को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार विकसित किया जाएगा, ताकि बिहार से डेयरी उत्पादों का निर्यात बड़े पैमाने पर हो सके. यह कदम आत्मनिर्भर बिहार और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भी अहम साबित होगा. कुल मिलाकर, जलालपुर में प्रस्तावित आधुनिक डेयरी प्रोजेक्ट न केवल सारण जिले के लिए, बल्कि पूरे बिहार के डेयरी उद्योग के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है. आने वाले दिनों में इसके क्रियान्वयन से किसानों, युवाओं और स्थानीय निवासियों को बड़ी उम्मीदें जुड़ी हुई हैं.

क्या कहते हैं जिलाधिकारी

यह एक बहुत बड़ी योजना है इससे पशुपालकों के अलावा, दुग्ध उत्पादकों, किसान और आम लोगों को कई तरह के आर्थिक लाभ होंगे. आने वाले समय में क्षेत्र का विकास भी तेजी से होगा. यह योजना सारण के लिए मिल का पत्थर साबित होगा. पशुपालन एवं मत्स्य विभाग बिहार सरकार कि इसमें अहम भूमिका है.

अमन समीर, जिलाधिकारी ,सारण

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Published by: Alok kumar

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