दाउदपुर/मांझी. कोहड़ा बाजार स्थित पीरे तरीकत बाबूजान खां संजर के मजार पर शुक्रवार को 16वें उर्स संजरी का आयोजन किया गया. शुरुआती दौर में संजर साहब के मजार पर सजदे चादरपोशी की गयी. जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण व क्षेत्र के अनेक लोग शामिल हुए. इस दौरान मुख्य वक्ता मशहूर मौलाना नेसार अहमद मिस्वाही ने अपनी तकरीर पढ़ते हुए कहा कि रौशनी के वास्ते इमकान होना चाहिए, बंद कमरे में भी रौशनदान होना चाहिए, हिन्दू- मुस्लिम आपके माथे पे कुछ भी हो मगर, आपके दिलो में खूबसूरत हिंदुस्तान होना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि जो गंगा-जमुनी तहजीब हमारे हिंदुस्तान के लोगों में देखने को मिलती है, वो दुनिया के किसी और मुल्क में देखने को नही मिलती. जो पीर व संत होते हैं, उनके चौखट पर नफरत नही सिर्फ उनके नूर से मोहब्बत और मानवीय का पैगाम मिलता है इस दौरान मौलाना गुलाम रब्बानी, रहमत लतीफी, सलीम नबीना, मौलाना इमामुद्दीन, अनवर अली आदि ने भी एक से बढ़कर एक अपने तकरीर, नात व शेर पेश किये. सदारत मौलाना जसमुद्दीन व कार्यक्रम का संचालन मौलाना शहजाद रजा ने किया. इसके पूर्व मृत्युंजय पूरी, संजर साहब के सुपुत्र अब्दुल मन्नान खां व आफताब आलम ने अतिथियों का स्वागत किया. कार्यक्रम में ओमप्रकाश कुशवाहा, पूर्व जिला पार्षद विजय प्रताप सिंह चुन्नू, राकेश राय, पप्पू खान, विनोद मांझी, गुड्डू कुशवाहा समेत बड़ी संख्या में महिला-पुरुष समेत अनेक लोग शामिल हुए.
16वें उर्स-ए-संजरी में उमड़ा जनसैलाब, गंगा-जमुनी तहजीब का दिया संदेश
कोहड़ा बाजार स्थित पीरे तरीकत बाबूजान खां संजर के मजार पर शुक्रवार को 16वें उर्स संजरी का आयोजन किया गया.
