सारण के मांझी में दाहा नदी का रिंग बांध टूटा, बीन टोलिया के घरों में घुसा बाढ़ का पानी, बैरिकेडिंग हटाने की मांग

मांझी के इमादपुर में दाहा नदी का रिंग बांध टूटने से बीन टोलिया गांव में अफरातफरी मच गई. करीब 200 घरों में पानी घुस गया और सैकड़ों एकड़ फसलें बर्बाद हो गईं. ग्रामीणों की मांग है कि राहत सामग्री पहुंचाने के लिए बैरिकेडिंग हटाई जाए.

Daha River Embankment Broken: मांझी प्रखंड के इमादपुर बीन टोलिया के समीप दाहा नदी का रिंग बांध शनिवार की रात करीब दो बजे टूट गया. बांध ध्वस्त होते ही पूरे बीन टोलिया गांव में अफरातफरी मच गयी. करीब 200 की आबादी वाले बीन टोलिया के अधिकांश घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है. वहीं, सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गयी है. इससे ग्रामीणों में हाहाकार मचा हुआ है.

ग्रामीणों के अनुसार रिंग बांध पहले से ही क्षतिग्रस्त था. सरयू नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण दाहा नदी में भी पानी का दबाव बढ़ रहा था. शनिवार की रात पानी का दबाव बढ़ने के बाद रिंग बांध उसे झेल नहीं सका और ध्वस्त हो गया. बांध टूटते ही तेज रफ्तार से पानी गांव की ओर फैलने लगा.

घरों में दो से तीन फीट तक घुसा पानी

बांध टूटने के बाद बीन टोलिया के अधिकांश घरों में दो से तीन फीट तक पानी घुस गया है. घरों में रखा अनाज, कपड़े और बर्तन पानी में डूब गये हैं. ग्रामीण सड़क के ऊपर से भी पानी बहने लगा है, जिससे आवागमन प्रभावित हो गया है.

बाढ़ के पानी के साथ जहरीले जीव-जंतुओं के घरों में पहुंचने का खतरा भी बढ़ गया है. ग्रामीणों के अनुसार सांप और बिच्छू जैसे जहरीले जीव पानी के साथ घरों में प्रवेश कर रहे हैं. इसके कारण लोगों में भय का माहौल है. कई परिवार घर छोड़कर ऊंचे स्थानों की ओर जाने लगे हैं. महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

तीन गांवों पर मंडराया बाढ़ का खतरा

बीन टोलिया में रिंग बांध टूटने के बाद अब इमादपुर, रनपट्टी और मटियार गांव पर भी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. ग्रामीण अपने स्तर से पुलियों की मरम्मत और बांध को बचाने के प्रयास में जुटे हैं. बोरियों में मिट्टी भरकर पानी के बहाव को रोकने की कोशिश की जा रही है.

सूचना मिलने के बाद स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि, गंडक विभाग के इंजीनियर, पुलिस और अंचल प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और बचाव कार्य शुरू कराया. गंडक विभाग के इंजीनियर बांध टूटने के कारणों और स्थिति का आकलन कर रहे हैं.

राहत सामग्री पहुंचाने के लिए बैरिकेडिंग हटाने की मांग

चेंफुल पंचायत के पैक्स अध्यक्ष संत सिंह ने आपदा की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन से ताजपुर सड़क पुल पर लगायी गयी बैरिकेडिंग तत्काल हटाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि मुख्य पुल बंद होने के कारण राहत सामग्री और बचाव दल को बाढ़ प्रभावित गांवों तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है.

उन्होंने कहा कि यदि बैरिकेडिंग हटायी जाती है, तो बड़े वाहनों के माध्यम से राहत सामग्री आसानी से प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचायी जा सकेगी. साथ ही बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में भी मदद मिलेगी. उन्होंने जिला प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए तत्काल बैरिकेडिंग हटाने की गुहार लगायी है.

मुबारकपुर और बगही का सड़क संपर्क टूटा

उधर, दाहा नदी के किनारे स्थित प्रखंड की मुबारकपुर पंचायत के कोडर और बगही गांव में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है. रविवार को मुबारकपुर और बगही का सड़क संपर्क मार्ग टूट गया. सड़क संपर्क टूटने से दोनों गांवों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गयी है. ग्रामीणों को अब आवागमन के साथ-साथ जरूरी सामान और राहत सामग्री को लेकर भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.

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By चंद्रशेखर कुमार

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