माही नदी में लगातार बढ़ रहे पानी के दबाव के बीच शनिवार की अहले सुबह दिघवारा प्रखंड के केसरपुर गांव के समीप दायां तटबंध करीब 15 फीट की चौड़ाई में टूट गया. बांध टूटते ही बाढ़ का पानी तेज रफ्तार से निचले इलाकों की ओर फैलने लगा. अचानक आई इस आफत से इलाके में अफरातफरी मच गई. बांध के आसपास रहने वाले लोग घर छोड़कर सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर जाने लगे. देखते ही देखते हजारों ग्रामीण बांध के पास जुट गए, लेकिन पानी की तेज धार के सामने हर कोई बेबस नजर आया.
बांध टूटते ही मची अफरातफरी, मौके पर पहुंचे डीएम-एसएसपी
बांध टूटने की सूचना मिलते ही डीएम वैभव श्रीवास्तव, एसएसपी रोशन कुमार, सोनपुर एसडीओ स्निग्धा नेहा, एसडीपीओ अमित कुमार आर्य समेत जल संसाधन विभाग के वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे. डीएम की मौजूदगी में तत्काल बांध की मरम्मती का काम शुरू कराया गया.
कटाव की स्थिति इतनी गंभीर थी कि मरम्मती का काम बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया. डीएम करीब चार घंटे तक मौके पर कैंप करते रहे और अधिकारियों को टूटे बांध की मरम्मती जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश देते रहे. जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता, कार्यपालक अभियंता और सहायक अभियंता समेत पूरी टीम मरम्मती कार्य में जुटी रही.
टूटे बांध के पास जाने पर रोक, भीड़ संभालने में पुलिस के छूटे पसीने
बांध टूटने के बाद मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई थी. स्थिति को देखते हुए जिले से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया. पुलिस ने लोगों को कटाव स्थल की ओर जाने से रोक दिया. भीड़ को नियंत्रित करने में जवानों को काफी मशक्कत करनी पड़ी.
दिघवारा बीडीओ प्रशांत कुमार, सीओ मिट्ठू प्रसाद, थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार समेत दरियापुर, परसा, नयागांव और अवतार नगर थानों के पुलिस पदाधिकारी भी मौके पर कैंप करते रहे. पंचायत के मुखिया, पंचायत प्रतिनिधियों और सैकड़ों ग्रामीणों ने भी मरम्मती कार्य में सहयोग किया.
तीन पंचायतों के दर्जनों गांवों पर बाढ़ का संकट
बांध टूटने के बाद दिघवारा प्रखंड की त्रिलोकचक, कुरैया और बरुआ पंचायत के कई गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. इश्मेला, पुरुषोत्तमपुर, अहिमनपट्टी, कनकपुर, टरवां और पगुराहा समेत कई गांवों में पानी पहुंचने का खतरा है. बरुआ पंचायत के रामदासचक में भी स्थिति चिंताजनक बतायी जा रही है.
मिल्की समेत आसपास के अन्य गांवों में भी बाढ़ का पानी प्रवेश करने की आशंका है. वहीं, इस पानी का असर सोनपुर प्रखंड के हासिलपुर और डुमरी बुजुर्ग पंचायतों पर भी पड़ने की आशंका जतायी जा रही है.
कई रास्तों पर पानी, सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन शुरू
बाढ़ का पानी निचले इलाकों में लगातार फैल रहा है. कई जगहों पर रास्तों पर पानी चढ़ जाने से आवागमन प्रभावित हुआ है. अचानक बढ़े खतरे को देखते हुए स्थानीय लोग अपने घरों से जरूरी और कीमती सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुट गए हैं.
लोगों के बीच दहशत का माहौल है. कई परिवार अपने स्तर से ही सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं गांवों में राहत और बचाव के लिए नाव भी पहुंचायी गयी है.
पानी के दबाव ने तोड़ा करीब साढ़े सात किलोमीटर लंबा तटबंध
माही नदी में पिछले कुछ समय से पानी का दबाव लगातार बढ़ रहा था. जलस्तर बढ़ने के कारण कई स्थानों पर तटबंध पर दबाव की स्थिति बनी हुई थी. इसी बीच केसरपुर के समीप पानी के तेज दबाव ने तटबंध को तोड़ दिया.
सीमेंट की सड़क वाले तटबंध का एक हिस्सा टूटते ही पानी तेज रफ्तार से गांवों की ओर बढ़ने लगा. माही नदी का दायां तटबंध करीब साढ़े सात किलोमीटर लंबा बताया जाता है. इसी तटबंध के केसरपुर के समीप टूटने के बाद आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया.
समाचार प्रेषण तक जल संसाधन विभाग की टीम बांध की मरम्मती में जुटी हुई थी.
दो एसडीआरएफ टीमों ने चलाया सर्च अभियान
बांध अचानक टूटने के बाद तेज बहाव में किसी व्यक्ति के फंसे होने की आशंका को देखते हुए डीएम के निर्देश पर एसडीआरएफ की दो टीमों को लगाया गया. टीमों ने आसपास के गांवों में पहुंचकर सर्च अभियान चलाया.
एसडीआरएफ के जवानों ने बाढ़ के पानी में फंसे लोगों की तलाश के साथ ही जरूरतमंदों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम भी किया. बढ़ते जलस्तर को देखते हुए ग्रामीणों से संयम बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गयी.
