छपरा. जयप्रकाश विश्वविद्यालय में आये दिन अंक पत्र में हुई त्रुटियों के सुधार को लेकर छात्रों की भीड़ जुट रही है. कई बार विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा हंगामा व उग्र प्रदर्शन तक की स्थिति उत्पन्न कर दी जा रही है. ऐसे में अंक पत्र में सुधार, परीक्षा फॉर्म में हुई त्रुटियों में बदलाव व अन्य कई व्यवस्थाओं में सुधार के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर नया गाइडलाइन जारी किया गया है. जिससे छात्रों को काफी आसानी होगी. कुलपति प्रो परमेन्द्र कुमार बाजपेई ने बताया कि विश्वविद्यालय में विगत कुछ दिनों में छात्रहित में कई अहम कार्य किये गये हैं. खासकर परीक्षा विभाग की कार्यशैली में आमूलचूल बदलाव दिख रहा है. बात चाहे सत्र को नियमित करने की हो या प्रोविजनल सर्टिफिकेट और डिग्री सर्टिफिकेट की या फिर परीक्षा फॉर्म भरने या त्रुटिपूर्ण अंकपत्रों में सुधार क मामला हो, सभी कार्य पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संपन्न हो रहे हैं. विश्वविद्यालय द्वारा छात्रहित में विगत दिनों कई जरूरी कदम उठाये गये हैं. सभी महाविद्यालयों एवं स्नातकोत्तर विभाग में प्राचार्य व विभागाध्यक्ष द्वारा नामित समन्वयक की नियुक्ति की गयी है जो अपने महाविद्यालय, विभाग के आंतरिक एवं प्रायोगिक परीक्षा के अंक को विश्वविद्यालय द्वारा उपलब्ध कराये गये लॉगिन आइडी एवं पासवर्ड से प्रतिदिन स्वयं विश्वविद्यालय के पोर्टल पर अपलोड कर देंगे. सभी छात्र-छात्राओं के अंकपत्र की त्रुटि, जो विश्वविद्यालय को प्राप्त कराये गये हैं, उनका सुधार किया जा चुका है. फिर भी महाविद्यालय या विभाग स्तर पर कोई आवेदन त्रुटि सुधार हेतु लंबित हो तो विश्वविद्यालय द्वारा ऐसे मामलों के लिए विशेष व्यवस्था की गयी है. ऐसे मामलों के लिए विशेष रूप से तिथि घोषित की गयी है. जिसके तहत आठ से 30 मई 2026 के बीच महाविद्यालय विभाग अपने अधिकृत कर्मी के माध्यम से सारे कागजात भेज दे तो ऐसे मामले त्वरित निष्पादित कर दिये जायेंगे.
परीक्षा फॉर्म भरने के समय छात्र-छात्राओं को यह सुविधा प्रदान की गयी है कि भूलवश अगर परीक्षा प्रपत्र में अपने नाम, पिता के नाम, जन्मतिथि आदि में उनके द्वारा गलत प्रविष्टि कर दी गयी है तो स्वयं ही पोर्टल पर लॉगइन कर उसे सुधार सकते हैं. सभी मूल्यांकन केंद्रों पर विश्वविद्यालय द्वारा अंकपत्र समन्वयक की नियुक्ति की गयी है. जो विश्वविद्यालय द्वारा उपलब्ध कराये गये आइडी व पासवर्ड के द्वारा अंकों को विश्वविद्यालय के पोर्टल पर अपलोड कर देंगे तथा उसकी एक प्रति विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग को प्रेषित कर देंगे. परीक्षा नियंत्रक डॉ अशोक कुमार मिश्रा ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि इन सभी सुविधाओं के प्रारंभ किये जाने से इस तरह के किसी भी कार्य के लिए छात्र-छात्राओं को विश्वविद्यालय में आने की आवश्यकता नहीं है. वह इस तरह के किसी भी कार्य के लिए अपने महाविद्यालय या विभाग में आवेदन देकर अपना कार्य करा सकते हैं. परीक्षा नियंत्रक ने छात्रों व अभिभावकों से इस कार्य में सहयोग की अपील की है.
