Indian Railways: मेल और पैसेंजर ट्रेनों के परिचालन की कवायद शुरू, जानें यात्रियों को कितना देना होगा किराया

Indian Railways: कोरोना वायरस के कारण लगभग एक साल से बंद पड़े पैसेंजर ट्रेनों के परिचालन को शुरू करने की कवायद तेज हो गयी है. रेलवे नये गाइडलाइन के साथ पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन मार्च के पहले सप्ताह से शुरू करने की तैयारी में जुट गया है. इन ट्रेनों को पहले की भांति पैसेंजर ट्रेन की संज्ञा नहीं दी जायेगी.

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 27, 2021 6:31 PM

छपरा. कोरोना वायरस के कारण लगभग एक साल से बंद पड़े पैसेंजर ट्रेनों के परिचालन को शुरू करने की कवायद तेज हो गयी है. रेलवे नये गाइडलाइन के साथ पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन मार्च के पहले सप्ताह से शुरू करने की तैयारी में जुट गया है. इन ट्रेनों को पहले की भांति पैसेंजर ट्रेन की संज्ञा नहीं दी जायेगी.

यह ट्रेनें अब मेल पैसेंजर ट्रेन कहलायेगी. जो सभी स्टेशन पर जरूर रुकेगी, लेकिन उसकी स्पीड मेल ट्रेनों की भांति रहेगी. वहीं उसमें सफर करने वाले यात्रियों को मेल एक्सप्रेस का किराया देना होगा. जानकारी के अनुसार पूर्वोत्तर रेलवे एक मार्च से पैसेंजर और एक्सप्रेस चलाने के मूड में है. इसको लेकर छपरा जंक्शन पर भी तैयारी शुरू हो गयी हैं.

अनारक्षित टिकट काउंटर, यूटीएस काउंटर को भी सही करने का कार्य शुरू हो गया है. एक साल से बंद पड़े सभी काउंटरों को जल्द शुरू करने की कवायद भी तेज हो गयी है. वहीं स्टेशन बुकिंग टिकट एजेंट को भी एक दो दिनों में अनारक्षित टिकट काटने की निर्देश दिये जा सकते हैं.

रेल प्रशासन ने पहले की तरह ही यात्रियों को अनारक्षित टिकट लेकर यात्रा करने की अपील की है व कोरोना गाइडलाइन का भी पालन करना अनिवार्य होगा. एक मार्च से पैसेंजर व मेल एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन शुरू करने की पहल जरूर की गयी है. लेकिन जब तक रेल प्रशासन द्वारा समय सारणी की अधिसूचना जारी नहीं होती है.

तब तक इस पर सिर्फ अनुमान लगाये जा सकते हैं. एक या दो दिन में अधिसूचना जारी करने की भी अधिकारिक पुष्टि हो सकती है. मेल पैसेंजर ट्रेनों की गति में तेजी देखने को मिलेगी वहीं यात्रियों को इसके लिए किराया भी ज्यादा देने होंगे.

मालूम हो कि अन्य राज्यों में भी मेल पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन शुरू हो गया है. उसी के तर्ज पर पूर्वोत्तर रेलवे भी तैयारी लगभग पूरी कर चुका है. इस संबंध में लोग कयास लगा रहे हैं कि जब अन्य राज्यों में किराया में बढ़ोतरी है तो यहां पर भी किराया लगभग दुगुनी हो सकती है.

Posted by: Radheshyam Kushwaha

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