jay prakash university: जयप्रकाश विश्वविद्यालय में स्नातक सत्र 2026-30 में पहली, दूसरी और तीसरी मेधासूची के तहत नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी कॉलेजों में नियमित कक्षाएं चल रही हैं. अब कक्षाओं के साथ स्मार्ट क्लास, प्रयोगशाला, लाइब्रेरी और ई-लाइब्रेरी में भी छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने की कवायद शुरू की गयी है. इसे लेकर विश्वविद्यालय की ओर से कॉलेजों के लिए गाइडलाइन जारी की गयी है.
कुलपति प्रो. परमेंद्र कुमार बाजपेई ने निर्देश दिया है कि विभिन्न कॉलेजों में संचालित स्मार्ट क्लास, प्रयोगशाला और लाइब्रेरी में प्रतिदिन छात्रों की उपस्थिति की मॉनिटरिंग करायी जाये. कॉलेजों को इन सुविधाओं में उपस्थित छात्रों की संख्या की जानकारी हर दिन विश्वविद्यालय को उपलब्ध करानी होगी.
सुविधा होने के बावजूद कम पहुंच रहे छात्र
विश्वविद्यालय को कई कॉलेजों से जानकारी मिली है कि सुविधा के अभाव में लैब, लाइब्रेरी और स्मार्ट क्लास में छात्रों की उपस्थिति काफी कम है. कई कॉलेजों में नियमित रूप से प्रैक्टिकल की कक्षाएं नहीं चलने की शिकायत भी सामने आयी है.
वहीं, कई कॉलेजों में पुस्तकालय उपलब्ध होने के बावजूद बेहतर पठन-पाठन की व्यवस्था नहीं होने के कारण छात्र इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं. ऐसे में कुलपति ने नये सत्र में नामांकित सभी छात्रों को स्मार्ट क्लास, प्रयोगशाला, लाइब्रेरी और ई-लाइब्रेरी की सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.
राजेंद्र कॉलेज में स्मार्ट क्लास बंद, लाइब्रेरी की स्थिति बदहाल
शहर के लगभग सभी अंगीभूत कॉलेजों में लाइब्रेरी और प्रयोगशाला की सुविधा मौजूद है. कुछ कॉलेजों में स्मार्ट क्लास भी संचालित हो रहे हैं. जयप्रकाश महिला कॉलेज में व्यवस्थित स्मार्ट क्लासरूम का निर्माण कराया गया है और इसके संचालन का शेड्यूल भी तैयार किया गया है.
वहीं, राजेंद्र कॉलेज का स्मार्ट क्लास कई महीनों से बंद है. यहां प्रयोगशाला को अपडेट किया गया है, लेकिन लाइब्रेरी की स्थिति काफी बदहाल बतायी जा रही है. लाइब्रेरी में प्रतिदिन महज 15 से 20 छात्र-छात्राएं ही पढ़ने के लिए पहुंच रहे हैं. कई बार नियमित बिजली आपूर्ति नहीं होने के कारण छात्रों को अंधेरे में बैठकर पढ़ना पड़ता है.
कई कॉलेजों में स्मार्ट क्लास और प्रैक्टिकल कक्षाएं बंद
जगदम कॉलेज, राम जयपाल कॉलेज, गंगा सिंह कॉलेज सहित कई कॉलेजों में पिछले सत्र से ही स्मार्ट क्लास बंद होने की बात सामने आयी है. इन कॉलेजों में नियमित रूप से प्रैक्टिकल की कक्षाएं भी नहीं चलने की शिकायत छात्रों ने विश्वविद्यालय से की है. विश्वविद्यालय की ओर से अब इन सुविधाओं के संचालन और छात्रों की उपस्थिति पर नजर रखने की तैयारी की गयी है.
हर दिन विश्वविद्यालय को देना होगा अपडेट
कॉलेजों को प्रतिदिन स्मार्ट क्लास, लाइब्रेरी, प्रयोगशाला और ई-लाइब्रेरी में उपस्थित छात्र-छात्राओं की संख्या की जानकारी विश्वविद्यालय को देनी होगी. कुलपति ने निर्देश दिया है कि सत्र 2026-30 में नामांकित सभी छात्रों का लाइब्रेरी कार्ड हर हाल में बनाया जाये.
साथ ही छात्रों को नियमित रूप से लाइब्रेरी आने के लिए जागरूक करने का भी निर्देश दिया गया है. वर्तमान में जेपीयू में स्नातक के चार सत्र संचालित हो रहे हैं. चारों सत्रों को मिलाकर विभिन्न कॉलेजों में हजारों छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, लेकिन लाइब्रेरी और प्रयोगशाला में प्रतिदिन पहुंचने वाले छात्रों की संख्या कई जगह महज 20 से 25 तक बतायी जा रही है.
नये सत्र के छात्रों का बनाया जा रहा लाइब्रेरी कार्ड
स्नातक सत्र 2026-30 में पहली, दूसरी और तीसरी मेधासूची के तहत नामांकित छात्र-छात्राओं का लाइब्रेरी कार्ड बनाया जा रहा है. विश्वविद्यालय के जिन कॉलेजों में लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध है, वहां नये सत्र के छात्र-छात्राएं लाइब्रेरी कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं.
इसके लिए छात्रों को नामांकन की रसीद के साथ अपनी फोटो पुस्तकालयाध्यक्ष को उपलब्ध करानी होगी. इसके बाद लाइब्रेरी कार्ड जारी किया जायेगा. छात्र लाइब्रेरी का शेड्यूल और उपलब्ध पुस्तकों की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं.
नामांकन से पहले कॉलेजों ने वेबसाइट पर बतायी थी सुविधाएं
स्नातक के नये सत्र में नामांकन शुरू होने से पहले कई कॉलेजों ने ऑनलाइन मोड में अपना प्रोस्पेक्टस जारी किया था. कॉलेजों की वेबसाइट पर नये सत्र में मिलने वाली सुविधाओं की विस्तृत जानकारी भी दी गयी थी.
इनमें स्मार्ट क्लास, सुविधा संपन्न लाइब्रेरी, ई-लाइब्रेरी, प्रयोगशाला, एनएसएस और एनसीसी की यूनिट से जुड़ी जानकारी शामिल थी. कुछ कॉलेजों ने छात्राओं के लिए बेहतर कॉमन रूम और कुछ ने कॉलेज कैंपस में जिम की सुविधा देने की जानकारी भी दी थी. हालांकि, छात्रों का कहना है कि नामांकन के बाद अधिकतर कॉलेजों में इनमें से कई सुविधाएं अभी उपलब्ध नहीं हैं.
