रसूलपुर (एकमा). बिजली विभाग की लापरवाही से आम से लेकर खास तक उपभोक्ता परेशान हैं. जिनमें लो वोल्टेज, बिजली कटौती, गलत बिलिंग या फिर बिना कनेक्शन के बिल, मीटर रीडिंग में हेराफेरी और अधिकारियों की उदासीनता शामिल है. जो मुख्य रूप से किसानों की समस्या बनी है. एक ओर लगातार लो वोल्टेज और बिजली की कटौती से सिंचाई के लिए लगाये गये ट्यूबवेल व मोटरें जल रहीं हैं और सिंचाई प्रभावित हो रहीं है. जिससे किसानों को हजारों का नुकसान हो रहा है, तो वहीं दुसरी ओर कई बार खेतों तक बिजली के खंभे और तार न पहुंचने के बावजूद, तो कभी मीटर रीडिंग में गड़बड़ी कर किसानों या फिर आम उपभोक्ताओं को 125 यूनिट बिजली मुफ्त मिलने के बावजूद मोटी रकम के बिल थमा दिए जाते हैं. कई किसानों को अपने सामान्य खपत के बावजूद अचानक कई हजार या लाखों रुपये के बिल मिल रहे हैं जिससे उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो रही है और किसान भ्रमित हैं. उपभोक्ताओं का आरोप है कि मीटर रीडर जानबूझकर या गलती से गलत रीडिंग लेते हैं, जिससे बिल बढ़ जाते हैं. वहीं कृषि उपभोक्ताओं का कहना है कि शिकायत करने के बावजूद विभाग के अधिकारी सुनवाई नहीं करते और न हीं समस्याओं का समाधान करते हैं जिससे किसानों में आक्रोश है. वहीं विभाग के अधिकारी जांच-पड़ताल कर समस्या को सुलझाने और बिल ठीक कराने का उपभोक्ताओं को भरोसा दे रहे हैं.
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