Saran Weather Update : शनिवार तड़के बनियापुर क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे. लगातार बारिश के कारण धान और मक्के की वे फसलें, जो एक सप्ताह पहले तक तेज धूप और गर्मी के कारण सूखने लगी थीं, अब फिर से हरी दिखने लगी हैं. मौसम खरीफ फसलों के अनुकूल होते ही किसान खेती-किसानी के काम में जुट गए हैं.
बारिश ने फसलों में लौटाई हरियाली
किसान अहले सुबह से देर शाम तक खेतों में फसलों की देखभाल कर रहे हैं. खेतों में पानी लगने के बाद किसान धान और मक्के में यूरिया के छिड़काव के साथ खरपतवार निकालने में जुटे हैं. कुछ संपन्न किसान पौधों को कीटों और खरपतवार से बचाने के लिए कीटनाशक एवं खरपतवारनाशी दवाओं का भी छिड़काव कर रहे हैं.
बारिश से खेती के काम में तेजी आने के साथ खेतिहर मजदूरों को भी रोजगार मिलने लगा है. किसानों का कहना है कि देर से ही सही, लेकिन सितंबर में बारिश शुरू होने से खरीफ फसलों में हरियाली लौट आई है. इससे बेहतर उत्पादन की उम्मीद जगी है.
जून से अगस्त तक कम बारिश ने बढ़ाई थी चिंता
किसान दशरथ राय, सुदर्शन सिंह, मनोज राम और बाबूलाल शर्मा आदि ने बताया कि जून, जुलाई और अगस्त में औसत से काफी कम बारिश होने के कारण खरीफ फसलों के उत्पादन को लेकर चिंता बढ़ गई थी. कई किसानों ने तो फसल से बेहतर उत्पादन की उम्मीद भी छोड़ दी थी.
अब सितंबर की शुरुआत से मानसून के सक्रिय होने के बाद किसानों की चिंता काफी हद तक दूर हुई है. खेतों में पर्याप्त नमी और पानी मिलने से फसलों की स्थिति में सुधार दिखने लगा है.
जलजमाव और कीचड़ ने बढ़ाई लोगों की परेशानी
हालांकि मूसलाधार बारिश के बाद बनियापुर में कई जगह जलजमाव और कीचड़ की समस्या भी उत्पन्न हो गई है. प्राथमिक विद्यालय कन्हौली, प्राथमिक विद्यालय सरेया सहित कई स्कूलों के परिसर में बारिश का पानी जमा हो गया. इससे शनिवार को शिक्षकों और छात्रों को विद्यालय पहुंचने में काफी परेशानी हुई.
स्कूल परिसर में पानी जमा होने से बच्चों को कीचड़ और जलजमाव के बीच होकर स्कूल पहुंचना पड़ा. स्थानीय लोगों ने जलनिकासी की व्यवस्था कराने की जरूरत बताई है.
बारिश और हवा से बिजली आपूर्ति चरमराई
मूसलाधार बारिश और तेज हवा के कारण बनियापुर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही. शुक्रवार की मध्य रात्रि में बारिश शुरू होने के साथ ही बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी, जिसे शनिवार सुबह करीब आठ बजे बहाल किया गया.
दिन में भी रुक-रुककर बारिश होने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित होती रही. इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा.
