छपरा. जिला मुख्यालय में स्थित छपरा नगर निगम के गुदरी बाजार में एक ऐसा पूजा पंडाल है, जिसकी स्थापना की कहानी देश की आजादी से जुड़ी है. साल 1947 में जब देश आजाद हुआ, तो लोगों ने खुश होकर अगले ही साल 1948 में यहां माता दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना शुरू कर दी थी. आज यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए आस्था का एक बड़ा केंद्र बन गया है, जहां दूर-दराज से लोग दर्शन के लिए आते हैं. गुदरी बाजार की मां भवानी के लिए माता की चुनरी वाली साड़ियां दूसरे राज्यों से आती हैं और इनकी बुकिंग साल-दो-साल पहले ही हो जाती है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि श्रद्धालुओं ने माता के लिए 2030 तक की साड़ियां पहले ही बुक कर ली हैं. इसका मतलब है कि अगर कोई श्रद्धालु अब साड़ी चढ़ाना चाहता है, तो उसे 2030 के बाद ही मौका मिलेगा.
मंदिर का गौरवशाली इतिहास
गुदरी बाजार मंदिर समिति के अध्यक्ष झूलन प्रसाद बताते हैं कि शुरुआत में माता की प्रतिमा एक टिन और घास-फूस की झोपड़ी में स्थापित की गयी थी. धीरे-धीरे लोगों के सहयोग से यह एक भव्य मंदिर का रूप लेता गया. इस मंदिर में लोगों की अटूट आस्था है और यह माना जाता है कि यहां मांगी गयी हर मुराद पूरी होती है. गुदरी बाजार के मोहन जी और इजहार मियां जैसे स्थानीय लोग बताते हैं कि यहां की प्रतिमा की खूबसूरती और आभूषणों की कलाकारी बेमिसाल है.दो स्वरूपों में दर्शन
इस मंदिर की एक और खास बात यह है कि यहां श्रद्धालु माता के दो स्वरूपों के दर्शन कर सकते हैं. मंदिर के पहले माले पर माता दुर्गा की स्थायी प्रतिमा स्थापित है, जबकि भूतल पर हर साल नयी अस्थाई प्रतिमा स्थापित की जाती है. नवरात्रि के दौरान जब ये प्रतिमाएं स्थापित होती हैं, तो पूरा इलाका भक्तिमय हो जाता है. इस साल भी नवरात्रि को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है. पूजा समिति के सदस्य शानदार सजावट की तैयारी में जुटे हैं. प्रतिमा बनाने वाले विजय पंडित और लाइटिंग का काम संभाल रहे आदित्य कुमार ने बताया कि इस बार 500 से ज्यादा ट्यूबलाइट से पूरे इलाके को सजाया जाएगा. गुदरी मंदिर से लेकर टक्कर मोड़, राजेंद्र कॉलेजिएट सड़क और सब्जी मंडी तक की सड़कों को विशेष रूप से सजाया जाएगा। सप्तमी से लेकर नवमी तक महाभोग का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग हिस्सा लेते हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
