Saran News : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर रसूलपुर में दही हांडी उत्सव का रोमांच चरम पर पहुंच गया. बाबा दुर्गेश्वरनाथ मंदिर परिसर में आयोजित मटकी फोड़ प्रतियोगिता में गोविंदाओं ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी. 25 फीट की ऊंचाई पर बांधी गई दही हांडी को फोड़ने के लिए पांच मंजिला मानव पिरामिड बनाया गया. इस दौरान पिरामिड के सबसे ऊपर चढ़ा गोविंदा संतुलन बिगड़ने के बाद हांडी की रस्सी पकड़कर हवा में लटक गया. करीब 25 फीट ऊपर हवा में लटके गोविंदा को देखकर मैदान में मौजूद हजारों लोगों की सांसें थम गईं. हालांकि, उसने हिम्मत नहीं हारी और हवा में लटके-लटके ही आखिरकार दही हांडी फोड़ दी.
25 फीट ऊंची हांडी, बार-बार टूटता रहा मानव पिरामिड
दही हांडी को इस बार करीब 25 फीट की रिकॉर्ड ऊंचाई पर बांधा गया था. इसे फोड़ने के लिए गांव की कई टोलियों ने प्रयास किया. ऊंचाई अधिक होने के साथ पानी की तेज बौछारों के कारण मानव पिरामिड बार-बार असंतुलित होकर टूटता रहा. इसके बावजूद गोविंदाओं ने प्रयास जारी रखा.
शाम के समय विजेता टीम ने पांच मंजिला मानव पिरामिड तैयार किया. सबसे ऊपर पहुंचा गोविंदा हांडी तक पहुंचने की कोशिश में अपना संतुलन खो बैठा और नीचे गिरने के बजाय हांडी की रस्सी पकड़कर हवा में लटक गया.
हवा में लटके गोविंदा को देखकर थम गईं सांसें
जमीन से करीब 25 फीट ऊपर रस्सी के सहारे गोविंदा के लटके रहने का दृश्य देखकर पूरा मैदान कुछ पल के लिए शांत हो गया. दर्शकों की नजरें उसी पर टिक गईं. मुश्किल स्थिति के बावजूद गोविंदा ने अपना संतुलन बनाए रखा और हिम्मत नहीं छोड़ी.
आखिरकार उसने हवा में लटके-लटके ही दही हांडी पर प्रहार किया और मटकी फोड़ दी. हांडी टूटते ही पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट और 'गोविंदा आला रे' के जयकारों से गूंज उठा.
विजेता टीम को मिला 2100 रुपये का पुरस्कार
दही हांडी फोड़ने के बाद विजेता गोविंदा के सुरक्षित जमीन पर उतरते ही आयोजकों ने पूरी टीम का उत्साह बढ़ाया. मुख्य अतिथि ने विजेता टीम को 2100 रुपये की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की.
प्रतियोगिता को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के लोग मंदिर परिसर में जुटे थे. गोविंदाओं के करतब और दही हांडी फूटने के बाद लोगों ने जमकर तालियां बजाईं.
सुरक्षा को लेकर भी किए गए इंतजाम
आयोजन समिति के अध्यक्ष ने बताया कि गोविंदाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मानव पिरामिड के नीचे जमीन पर गद्दे बिछाए गए थे. इसके अलावा स्थानीय पुलिस प्रशासन की टीम भी मौके पर मुस्तैद रही.
जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित इस दही हांडी प्रतियोगिता ने पूरे रसूलपुर में उत्सव का माहौल बना दिया. प्रतियोगिता के दौरान बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में खासा उत्साह देखने को मिला.
