Chapra Museum: क्या आपने छपरा का म्यूजियम देखा है? शहर में स्थित छपरा संग्रहालय भले ही आकार में छोटा हो, लेकिन यहां संरक्षित पुरातात्विक सामग्री सारण और आसपास के इलाके के हजारों साल पुराने इतिहास की कहानी बताती है. बिहार सरकार के संग्रहालय निदेशालय के अनुसार, क्षेत्र से प्राप्त पुरावशेषों को यहां प्रदर्शित किया गया है. चिरांद की खुदाई से प्राप्त कई महत्वपूर्ण वस्तुएं भी संग्रहालय के संग्रह का हिस्सा हैं.
चिरांद की खुदाई ने खोले प्राचीन सभ्यता के राज
छपरा से करीब 11 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में घाघरा नदी के उत्तरी तट पर स्थित चिरांद एक महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थल है. जिला प्रशासन के अनुसार, यहां की खुदाई से करीब चार हजार वर्ष पुरानी विकसित पाषाण युगीन संस्कृति के प्रमाण मिले हैं. यहां रहने वाले लोग कृषि, पशुपालन और शिकार जैसी गतिविधियों से जुड़े थे.
कुशाण काल का टेराकोटा मास्क भी संग्रह में
बिहार सरकार के संग्रहालय निदेशालय के मुताबिक, छपरा संग्रहालय को चिरांद से प्राप्त पुरावशेषों के साथ अपने भवन में स्थानांतरित किया गया है. संग्रह में चिरांद से मिले नवपाषाण और ताम्रपाषाण काल के अवशेष, हड्डी से बने उपकरण और एक दुर्लभ कुशाणकालीन टेराकोटा मास्क शामिल हैं. इसके अलावा संग्रहालय में पाल काल की कुछ उत्कृष्ट पत्थर की मूर्तियां भी संरक्षित हैं.
बच्चों के लिए इतिहास को करीब से समझने का मौका
किताबों में पढ़े जाने वाले इतिहास को जब बच्चे वास्तविक पुरावशेषों के जरिए देखते हैं, तो विषय को समझना उनके लिए ज्यादा रोचक हो सकता है. छपरा संग्रहालय में रखी वस्तुएं बच्चों और विद्यार्थियों को स्थानीय इतिहास, पुरातत्व और प्राचीन जीवनशैली के बारे में जानने का अवसर देती हैं. छपरा संग्रहालय का शैक्षणिक भ्रमण करने वाले स्कूली विद्यार्थियों से जुड़ी खबरें भी सामने आती रही हैं.
सारण के इतिहास को समझने का महत्वपूर्ण केंद्र
सारण की पहचान केवल वर्तमान समय की गतिविधियों तक सीमित नहीं है. चिरांद जैसे पुरातात्विक स्थल इस क्षेत्र के बेहद पुराने इतिहास की जानकारी देते हैं. जिला प्रशासन भी चिरांद को सारण के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों में शामिल करता है. ऐसे में छपरा संग्रहालय स्थानीय इतिहास और पुरातत्व को एक जगह समझने का महत्वपूर्ण माध्यम है.
म्यूजियम देखने से पहले समय और व्यवस्था की जानकारी जरूर लें
अगर आप बच्चों के साथ छपरा संग्रहालय जाने की योजना बना रहे हैं, तो जाने से पहले संग्रहालय के वर्तमान खुलने के समय, प्रवेश व्यवस्था और अन्य जरूरी जानकारी की पुष्टि कर लेना बेहतर रहेगा. उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में संग्रहालय के क्यूरेटर के रूप में डॉ. विमल तिवारी का नाम और संपर्क नंबर भी दिया गया है.
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