भिखारी ठाकुर की 138वीं जयंती पर लोक गीतों से सजी शाम, झूमे दर्शक

आई मास बाघवा कंपावे लागी माघवा त हाड़वा में जाड़वा समाला हो बटोहिया... भिखारी ठाकुर रचित विदेशिया गीत की उपरोक्त पंक्ति ने दर्शकों को कड़ाके की ठंड में भी गर्मी का एहसास कराया.

रसूलपुर(एकमा). आई मास बाघवा कंपावे लागी माघवा त हाड़वा में जाड़वा समाला हो बटोहिया… भिखारी ठाकुर रचित विदेशिया गीत की उपरोक्त पंक्ति ने दर्शकों को कड़ाके की ठंड में भी गर्मी का एहसास कराया. देर शाम तक चले छपरा भिखारी ठाकुर प्रेक्षा गृह में जिले के लोकगायक व आकाशवाणी व दूरदर्शन के ग्रेड के कलाकार रामेश्वर गोप के सधी आवाज में भिखारी ठाकुर के गीतों की प्रस्तुति ने दर्शक दीर्घा में बैठे लोगों को गुरुवार की देर शाम तक झुमाया. 138वीं भिखारी ठाकुर जयंती पर सारण जिला प्रशासन के सौजन्य से भिखारी ठाकुर लोक साहित्य व सांस्कृतिक महोत्सव छपरा, सारण जिला नाई संघ व पाटलिपुत्र इंस्टिट्यूट आफ सोशल साइंस रिसर्च के संयुक्त तत्वावधान में उम्दा सांस्कृतिक कार्यक्रम संगीत शिक्षक शेखर सुमन व गायिका आरजे लक्ष्मी के समवेत स्वर में प्यारी देश तनी देख द हमके, ज्योत्स्ना के स्वर में डगरिया जोहत ना, कमलदेव यादव का चरण कमल बलिहारी ऐ रघुवर गायन के साथ सोनम मिश्रा के निर्देशन में नवादा उच्चतर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भिखारी ठाकुर के गीतों पर भावपूर्ण नृत्य की उम्दा प्रस्तुति की. कलाकारों को शाॅल व मोमेंटो देकर एमएलसी डॉ बीरेंद्र नारायण यादव, डॉ लालाबाबू यादव ,नाट्य कर्मी अमित रंजन, राजेंद्र राय, ओमप्रकाश गुप्ता आदि द्वारा पुरस्कृत किया गया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By ALOK KUMAR

ALOK KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >