ट्रेनों में बढ़ी भीड़, होली में आये परदेशियों की होने लगी वापसी
छपरा(सारण) : होली का त्योहार मनाने के लिए घर आये परदेशियों की वापसी यात्रा शुरू हो गया है. इस वजह से ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ गयी है. पूर्वोत्तर रेलवे के छपरा जंकशन पर ट्रेनों में सवार होने के लिए अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो रही है. लंबी दूरी की महत्वपूर्ण ट्रेनों में सवार होने के लिए जगह नहीं मिल रहा है.
खासकर दूसरे राज्यों के बड़े शहरों में जाने वाले यात्रियों की सबसे अधिक भीड़ जुट रही है. दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, अहमदाबाद, लुधियाना, कोलकता, रांची, गुवाहाटी, अमृतसर, रायपुर, भोपाल समेत प्रमुख स्थानों पर जाने वाली ट्रेनों के स्लीपर कोच की हालत जेनरल कोच से भी बदतर हो गया है. एसी कोच के तृतीय श्रेणी और द्वितीय श्रेणी के कोच में वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों की भरमार है. छपरा जंकशन से होकर गुजरने वाली लंबी दूरी के महत्वपूर्ण ट्रेनों में कन्फर्म टिकट नहीं मिल रहा है. अगले तीस से चालीस दिनों तक सभी ट्रेनों में नो रूम है. खासकर दूसरे राज्यों के बड़े शहरों में जाने वाली ट्रेनों में स्लीपर क्लास और एसी कोच में बर्थ फूल चल रहा है.
वैशाली सुपर फास्ट, स्वतंत्रता सेनानी सुपर फास्ट, बिहार संपर्क क्रांति सुपर फास्ट, पवन एक्सप्रेस, गंगा कावेरी सुपर फास्ट, राजधानी एक्सप्रेस, अवध असम एक्सप्रेस, आम्रपाली एक्सप्रेस, लिच्छवी एक्सप्रेस, मौर्य एक्सप्रेस, बलिया सियालदह एक्सप्रेस, छपरा- टाटा एक्सप्रेस, सरयू – यमुना एक्सप्रेस, शहीद एक्सप्रेस, राप्ति सागर एक्सप्रेस, मथुरा एक्सप्रेस, ज्ञान गंगा एक्सप्रेस, श्रमिक एक्सप्रेस, गरीब रथ , सद्भावना एक्सप्रेस, सारनाथ एक्सप्रेस समेत करीब दो दर्जन ट्रेनों में नो रूम की स्थिति बनी हुई है.
विशेष ट्रेनों से नहीं मिल रही है राहत : पूर्वोत्तर रेलवे के छपरा जंकशन से होकर करीब एक दर्जन से अधिक विशेष ट्रेनों का परिचालन शुरू किया गया है.
होली को ध्यान में रखकर विशेष ट्रेनों का परिचालन किये जाने के बावजूद यात्रियों को राहत नहीं मिल रही है. स्लीपर क्लास के टिकट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को जेनरल क्लास की भी सुविधा नहीं मिल रही है. जेनरल कोच में भेड़ बकरियों की तरह यात्रियों को सफर करने को विवश होना पड़ रहा है. वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों की टिकट कन्फर्म करने के लिए ट्रेनों में अतिरिक्त कोच नहीं लगाया जा रहा है.
