मतगणना के दौरान वीडियोग्राफी भी करायी जायेगी
मतगणना की सारी तैयारियां पूरी
छपरा : सारण स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद के नतीजे का काउंट डाउन शुरू हो चुका है. बुधवार को मतों की गिनती के साथ ही जहां जय व पराजय की घोषणा होगी, वहीं कुल 18 उम्मीदवारों के भाग्य में मतदाताओं ने क्या लिखा है, बैलेट बॉक्स से बाहर आ जायेगा. मतगणना की सारी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं.
मंगलवार की सुबह से ही आयुक्त नर्मदेश्वर लाल, डीएम दीपक आनंद, एसपी अनसुईया रणसिंह साहू समेत अन्य अधिकारी तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगे रहे तथा की गयी तैयारियों का जायजा लिया. मतगणना को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, चौकसी एवं लीक प्रूफ माहौल में कराने का इंतजाम किया गया है. मतगणना के दौरान वीडियोग्राफी भी करायी जायेगी. सुरक्षा के लिए छह मजिस्ट्रेट अलग-अलग स्थानों पर तैनात किये जायेंगे, जिनमें बीडीओ और सीओ स्तर के पदाधिकारी होंगे.
बनाये गये हैं 14 टेबुल : कमिश्नरी ऑफिस के सभागार में काउंटिंग को ले-बैरिकेडिंग कर मतगणना कर्मी व अभिकर्ता गैलरी बनायी गयी है. अभिकर्ता बैरिकेडिंग के बाहर से जाली के माध्यम से काउंटिंग पर नजर रख सकेंगे. हॉल में मतगणना कर्मियों के लिए कुल 14 टेबुल बनाये गये हैं. वहीं एक एआरओ टेबुल तथा एक आरओ टेबुल लगाया गया है. मतगणना सुबह आठ बजे से शुरू होगी. पहले चरण में सभी मतपेटिकाओं को खोल मतपत्रों का मिला दिया जायेगा. तत्पश्चात प्रथम वरीयता के मतों की छटनी उम्मीदवार के आधार पर की जायेगी. छटनी के पश्चात मत पत्रों का 50-50 का बंडल बनाया जायेगा. अंत में बंडलों की गिनती से मतों की संख्या निकाली जायेगी. मतपत्रों की छंटनी के समय ही अयोग्य मतों को गिनती से अलग किया जायेगा. उम्मीदवारों के अभिकर्ता इस प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखते हैं.
मतगणना को ले सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये हैं. थाना चौक, होली क्राॅस स्कूल, दारोगा राय चौक तथा जनक यादव लाइब्रेरी के निकट चेक पोस्ट लगाये गये हैं, जहां से अनधिकृत लोगों को प्रवेश वर्जित होगा. आयुक्त कार्यालय के मुख्य गेट पर मेटल डिटेक्टर के साथ पुलिस प्रवेश करने वालों की गहन तलाशी लेगी. गेटों पर दंडाधिकारी भी तैनात रहेंगे. सीढ़ियों से हॉल तक जाने में भी पहचान पत्र की जांच की जायेगी एवं कर्मियों व अभिकर्ता या उम्मीदवार को अलग-अलग गेट से प्रवेश दिया जायेगा.
छपरा (सदर) : सारण स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए मतगणना 15 मार्च को होनी है, परंतु, नौ मार्च को मतदान तथा 11 मार्च को उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों की मतगणना के परिणाम के बाद आम जनों में जीत-हार की चर्चाएं चरम पर हैं. मतदाताओं का कहना है कि यूपी आदि राज्यों में तो एनडीए ने अपनी शानदार जीत दर्ज कर ली है.
क्या सारण स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भी राजग समर्थित उम्मीवार डॉ महाचंद्र सिंह विजय पताका फहरायेंगे या महागंठबंधन के डॉ वीरेंद्र नारायण यादव की जीत होगी या शिक्षक नेता दिनेश, शिक्षाविद ज्ञानदेव मणि त्रिपाठी जीत का स्वाद लेंगे. डॉ महाचंद्र अगर जीतते हैं, तो उनकी यह लगातार सातवीं जीत होगी. यदि सभी 18 उम्मीदवारों में से दूसरा कोई जीतता है, तो उसे पहली बार विधान परिषद में कदम रखने का मौका मिलेगा. हर चौक- चौराहे पर मतदान के प्रतिशत खासकर बेतिया, मोतिहारी में बंपर मतदान को लेकर भी जीत- हार के आंकड़े में कोई भले ही दावा करे, लेकिन अंदर-ही-अंदर किसी को अपने ऊपर शत -प्रतिशत विश्वास नहीं है.
प्रथम वरीयता के मत से निर्णय होने की संभावना क्षीण हो गयी है : स्नातक निर्वाचन के मतों की गणना एकल संक्रमणीय मत पद्धति से होती है, वैसी स्थिति में सर्व प्रथम कुल 14 टेबुलों पर मतों की गणना के लिए सभी मतों को संयुक्त रूप से मिक्स कर 50-50 का बंडल बनाया जायेगा.
इसके बाद अभ्यर्थीवार मतों की गणना होगी. फिर कुल वैध मतों के 50 फीसदी प्लस एक वोट, जिस उम्मीदवार को प्रथम वरीयता का मिलता है, तो प्रथम राउंड में ही उसे विजयी घोषित कर दिया जायेगा. परंतु, कुल वैध मतों के 50 फीसदी से कम किसी भी उम्मीदवार को वोट मिलते हैं, तो वैसी स्थिति में द्वितीय वरीयता के मत की गिनती की नौबत आयेगी. वहीं सबसे कम वोट वाले एक उम्मीदवार की गिनती बंद कर दी जायेगी.
वहीं स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में लगभग 60 हजार मत पड़े हैं. वैसी स्थिति में प्रमंडलीय आयुक्त सह निर्वाची पदाधिकारी की देख-रेख में जिला प्रशासन व प्रमंडलीय आयुक्त के सभी कर्मी मतगणना कार्य की तैयारियों में लगे हैं. परंतु, मैनुअल होने वाली इस मतगणना में वोटों की संख्या को देखते हुए पांच बजे शाम तक किसी भी उम्मीदवार की जीत-हार का अनुमान लगाना मुश्किल होगा. वहीं द्वितीय मतों की गणना की स्थिति, जो इस चुनाव में अवश्यंभावी लग रही है, वैसी स्थिति में चुनाव के परिणाम देर रात बाद ही मिलने की उम्मीद है. ये आशंका मतगणना से जुड़े वरीय पदाधिकारियों की है.
वहीं मतगणना के दौरान विधि व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन सारण सभी आवश्यक तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगा है. साथ ही प्रमंडलीय आयुक्त ने आयुक्त कार्यालय के कर्मियों की 14 मार्च की होली की छुट्टी को रद्द कर दिया है. वहीं कई पदाधिकारी भी इस मतगणना तथा होली के कारण ड्यूटी लगने से अपेन घर जाने से वंचित रह जायेंगे.
