मौसम की मार. पिछले एक सप्ताह में ओपीडी में प्रतिदिन आ रहे औसतन 50 मरीज
अस्पताल में बढ़ी मरीजों की संख्या
सर्दी, खांसी, ब्लड प्रेशर डायरिया और लकवा की आ रही ज्यादा शिकायत
छपरा : बदलते मौसम और तापमान में हो रहे उतार-चढ़ाव का असर आम लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है. जिले में बीते दस दिनों में कड़ाके की ठंड झेलने वाले लोगों को पिछले दो दिन से निकल रही तेज धूप से काफी राहत तो मिली है, पर मौसम के बदलते मिजाज ने लोगों के स्वास्थ्य को भी प्रभावित किया है. सीजनल बीमारियां बढ़ी हैं, वही छोटे बच्चों में कोल डायरिया की शिकायत भी देखने को मिल रही है. सदर अस्पताल के ओपीडी में सीजनल बीमारियों से ग्रस्त मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है, हालांकि अस्पताल प्रशासन ने मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त इंतजाम किये हैं.
मौसम बदलने से बढ़ी ब्लड प्रेशर की शिकायत : लगभग एक सप्ताह लगातार कड़ाके की ठंड और अब बीते दो दिनों से दिनभर तेज धूप. मौसम के इस स्वभाव से उम्रदराज लोगों को अपने शरीर को तापमान के अनुसार सहज करने में काफी समस्या हो रही है. बार-बार बदलते मौसम से लोगों में ब्लड प्रेशर की समस्या आ गयी है. अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि कुछ दिन पहले तापमान अपने न्यूनतम स्तर पर था, जिसमे अब काफी बदलाव आया है, ऐसे में लोग तापमान के अनुसार शरीर को नहीं ढाल पा रहे हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ने की समस्या ज्यादा देखी जा रही है.
लकवा और ब्रेन स्ट्रोक का बना डर : सदर अस्पताल छपरा के इमरजेंसी वार्ड में कुछ ऐसे भी मरीज हैं, जिनको लकवा की समस्या हो गयी है. मौसम में अचानक से आये बदलाव से कई लोगों का ब्लड प्रेशर इतना बढ़ गया कि उनमें लकवा की शिकायत आ गयी. सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ शंभु नाथ सिंह ने बताया कि तापमान में तेजी से हो रहे बदलाव के कारण ब्लड प्रेशर के रोगियों के शरीर का प्रेशर बढ़ जाता है, जिससे ब्रेन स्ट्रोक का भी खतरा बना रहता है.
बच्चों को हो रही कोल डायरिया की समस्या : तापमान में हो रहे बदलाव से सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों में देखी गयी है. दो दिन से धूप निकलने से बच्चों को ठंड से राहत जरूर मिली है पर सर्दी, खांसी, बुखार जैसी समस्याएं बढ़ी हैं. छपरा सदर अस्पताल में प्रतिदिन ऐसे बच्चे इलाज के लिए आ रहे हैं, जिनमे कोल डायरिया की शिकायत देखी गयी है.
अस्पताल प्रशासन अलर्ट : तापमान में हो रहे बदलाव के कारण मरीजों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर अस्पताल प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है. ओपीडी में चिकित्सकों को इस संदर्भ में विशेष दिशा- निर्देश दिये गये हैं. अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भी पूरी व्यवस्था की गयी है. जांच घर को भी ओपीडी में ही शिफ्ट कर लिया गया है. वहीं दवा के काउंटर पर भी सीजनल बीमारियों की दवा मरीजों को उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गयी है.
तापमान के उतार-चढ़ाव से बढ़ीं बीमारियां मरीजों के बेहतर इलाज के लिए अस्पताल प्रशासन तैयार
मंगलवार को ओपीडी में दिखाने के लिए कतारबद्ध लोग व ओपीडी के बाहर लगी मरीजों की भीड़.
क्या कहते हैं पदाधिकारी
बीते एक सप्ताह के अंदर तापमान में हो रहे बदलाव से सीजनल बीमारियों की समस्या बढ़ी है. ओपीडी में प्रतिदिन औसतन पचास मरीज सीजनल बीमारी से प्रभावित होकर इलाज के लिए आ रहे हैं. मरीजों को बेहतर इलाज प्रदान के लिए अस्पताल में पूरी व्यवस्था की गयी है. ओपीडी में चिकित्सकों को विशेष निर्देश दिया गया है. इमरजेंसी वार्ड भी अलर्ट पर है.
शंभु नाथ सिंह, उपाधीक्षक, सदर अस्पताल
