मंगलवार को रेल पटरी व किनारे पर लगा बाजार.
छपरा (सदर) : शहर के साढ़ा ढाला स्थित रेल पटरियों व परिसर में विभागीय उदासीनता व मिलीभगत के कारण प्रतिदिन सैकड़ों दुकानें लग रही हैं. इससे इस भीड़-भाड़ वाले रेल क्षेत्र में कभी अप्रिय घटना हो सकती है. इस क्षेत्र में छपरा साढ़ा ढाला रेलवे ओवर ब्रिज बनने के बाद कथित अवैध वसूली के बदौलत फल, कपड़े, जेनरल स्टोर एवं चाय -नाश्ता आदि की दुकानें लगती हैं. परंतु, छपरा कचहरी जीआरपी, आरपीएफ तथा विभागीय पदाधिकारी इस समस्या की ओर ध्यान देने की जरूरत जाने-अनजाने में नहीं समझते. वहीं रेल क्षेत्र की जमीन की कस्टोरियन माने जाने वाले एइएन ने भी इससे अनभिज्ञता जतायी.
जबकि इस क्षेत्र के अवैध दुकानों के अलावा अवैध चुलाई शराब, लॉटरी एवं जुआ खेलने वाले सक्रिय हैं. लॉटरी के धंधेबाज तो पैदल चलने वालों के लिए रेल ओवर ब्रिज में पूरब साइड में बनायी गयी सीढ़ी में बोर्ड टांग कर लॉटरी का टिकट बेचते हैं. हालांकि आरपीएफ एवं जीआरपी के स्थानीय पदाधिकारी अवैध वसूली के आरोप को बेबुनियाद बताते हैं. जब किसी दुकानदारों से रेल पटरी पर या आस-पास रेलवे की जमीन में दुकान लगाने या स्थायी टेंट बनाने की बात कही गयी, तो उनका कहना था कि इसके लिए दुकानदारों को प्रतिदिन 20 से 100 रुपये तक भुगतान करना पड़ता है. वे मासिक रूप से या दैनिक रूप से भी भुगतान करते हैं.
साढ़ा ढाला पर हमेशा बनी रहती है दुर्घटना की आशंका
रेल क्षेत्र में लॉटरी व अवैध चुलाई शराब के धंधेबाज भी हैं सक्रिय
क्या कहते हैं अधिकारी
छपरा कचहरी के पूरब साढ़ा ढाला रेल पटरी व आस-पास की खाली जमीन पर अवैध वसूली के बदौलत दुकान लगाये जाने की सूचना नहीं है. रेलवे की जमीन में सुरक्षा के मानकों को नजर अंदाज करने वाले तथा अवैध ढंग से दुकान लगाने वाले लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी.
शैलेंद्र कुमार, एइएन, पूर्वोत्तर रेलवे, छपरा
