दिघवारा : बाजार स्थित पीएचसी परिसर में शनिवार नौवें दिन भी पीएचसी बचाओ संघर्ष मोरचा का धरना जारी रहा. पीएचसी को बहाल रखने के लिए लोग अनिश्चितकालीन धरना पर है. रविवार को धरना का समर्थन में एपीमास संस्था से जुडी महिलाओं ने दिघवारा बाजार में जुलूस निकाल धरना स्थल पर पहुंच कर पुराने पीएचसी में स्वास्थ्य सुविधा बहाल रखने की आवाज को बुलंद की. धरना का स्थानीय सभी दलों के नेताओं का भी पूरा समर्थन मिल रहा है. इसी क्रम में सोनपुर के राजद विधायक डॉ रामानुज प्रसाद ने धरनार्थियों की मांगों को पूरा करने के संदर्भ में सिविल सर्जन से बातचीत कर पीएचसी में स्वास्थ्य सुविधा यथास्थिति बहाल रखने की बात कही.
संघर्ष मोरचा के धरने को विधायक का मिला समर्थन ने ने का साथ, आंदोलन हुआ तेज
दिघवारा : बाजार स्थित पीएचसी परिसर में शनिवार नौवें दिन भी पीएचसी बचाओ संघर्ष मोरचा का धरना जारी रहा. पीएचसी को बहाल रखने के लिए लोग अनिश्चितकालीन धरना पर है. रविवार को धरना का समर्थन में एपीमास संस्था से जुडी महिलाओं ने दिघवारा बाजार में जुलूस निकाल धरना स्थल पर पहुंच कर पुराने पीएचसी में […]

इस बीच लोगो ने विधायक श्री प्रसाद को बताया कि दिघवारा में स्वास्थ्य सेवा बेपटरी हो गयी है. चिकित्सक आये दिन ड्यूटी से गायब रहते है तथा स्वास्थ्यकर्मी अवैध वसूली भी मरीजों से करते है तथा आरोपों के बीच विधायक के निरीक्षण के दौरान भी चिकित्सक अनुपस्थित पाये गये. बताया जाता है कि दिघवारा के नये सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बाढ़ का पानी घुस जाने के बाद बाजार स्थित पीएचसी परिसर में ही स्वास्थ्य सेवा सुचारु ढंग से संचालित हो रही है.
लोगों की मांग है कि विभाग पीएचसी के नाम पर पदस्थापित चिकित्सक व कर्मी को पीएचसी में ही रखे और जब सामुदायिक अस्पताल को चलाना है तो सामुदायिक अस्पताल में अलग से चिकित्सक व कर्मी नियुक्त करे. ग्रामीणों का आरोप था कि कुछ स्वार्थी लोगो ने कुचक्र रचकर पीएचसी को बंद कर फिर सामुदायिक अस्पताल में स्वास्थ्य सेवा ले जाने का प्रयास किया जा है.
धरनार्थियों का यह भी आरोप है कि सिविल सर्जन व प्रशासन हमारी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रहा है. मजबूरन लोगों को बड़ा जनांदोलन करने को मजबूर होना पडेगा. मुख्य रूप से अनिल सिंह ,सुनील पंडित, नागेश्वर सिंह, शब्बीर हसन, राममूर्ति, वार्ड पार्षद अशोक सुमन, मुनीर कुरैशी, गीता देवी, पप्पू सिंह, इंदु देवी सोनी देवी, मीतु देवी, महाराज शरण, बिंदेश्वरी पासवान आदि शामिल थे.