मरीज से इलाज के नाम पर 20 हजार रुपये की ठगी

छपरा (सारण) : ब्लड चढ़ाने के नाम पर एड्स मरीज से 20 हजार रुपये की ठगी करने का एक मामला सामने आया है. इसकी शिकायत मरीज ने उपाधीक्षक डॉ शंभूनाथ सिंह से की है . उपाधीक्षक ने इसकी जांच करा कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. फिलहाल एचआइवी पॉजीटिव मरीज का उपचार सदर अस्पताल […]

छपरा (सारण) : ब्लड चढ़ाने के नाम पर एड्स मरीज से 20 हजार रुपये की ठगी करने का एक मामला सामने आया है. इसकी शिकायत मरीज ने उपाधीक्षक डॉ शंभूनाथ सिंह से की है . उपाधीक्षक ने इसकी जांच करा कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. फिलहाल एचआइवी पॉजीटिव मरीज का उपचार सदर अस्पताल में चल रहा है. मरीज के परिजनों ने बताया कि एआरटी सेंटर में मरीजों का उपचार होता है. उपचार के लिए आनेवाले एड्स मरीजों का फोलोअप करने के लिए सरकार ने एक एनजीओ के अनुबंधित किया है.
अनुबंधित संस्था ‘साथी केयर एंड स्पोर्ट सेंटर’ के कार्यकर्ता ने एड्स के मरीज को ले जाकर एक निजी अस्पताल में भरती करा दिया. जहां ब्लड चढ़ाने का नाम पर एड्स मरीज से 20 हजार रुपये की ठगी कर ली . मरीज का रुपये खत्म हो गया और उसकी हालत बिगड़ गयी तो, निजी नर्सिंग होम ने उसे रेफर कर दिया. मरीज को लेकर परिजन जब सदर अस्पताल पहुंचे तब इसका खुलासा हुआ और मरीज ने इसकी लिखित शिकायत की.
अस्पताल प्रशासन ने गंभीरता से लिया : एड्स मरीज को ब्लड चढ़ाने तथा इलाज के नाम पर 20 हजार रुपये की ठगी करने के मामले को अस्पताल के काफी गंभीरता से लिया है और मरीज और इसकी जांच का आदेश दिया है. उपाधीक्षक ने इसकी जांच कर दोषी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने और संस्था के खिलाफ कार्रवाई के लिए सरकार को अनुशंसा भेजने का निर्देश दिया है.
नि:शुल्क होता है एड्स मरीजों का इलाज : सदर अस्पताल में एड्स मरीजों का उपचार नि:शुल्क होता है.
इसके लिए एआरटी सेंटर भी खुला है. मरीजों की जांच भी सुविधा है. सभी तरह की जांच नि:शुल्क किया जाता है. सीडी फॉर काउंट जांच की व्यवस्था यहां नहीं है. इसके लिए मरीजों का ब्लड सैंपल लेकर पीआएमसीएच भेजा जाता है.जीवित को कर दिया मृत घोषित : एड्स मरीजों के उपचार का फोलोअप करने वाली संस्था के कार्यकर्ता ने जीवित मरीज को मृत घोषित कर दिया था. इस मामले में मरीज की शिकायत पर दोषी कार्यकर्ता के खिलाफ कार्रवाई के लिए सरकार को लिखा गया है. यह मामला एक माह पहले सामने आया. तभी दूसरा मामला सामने आ गया. इन घटनाओं की वजह से एड्स मरीजों का सामाजिक संस्थाओं पर से विश्वास उठता जा रहा है.साथ ही सामाजिक संस्थाओं की कार्य प्रणाली पर भी सवाल उठने लगा है.
क्या कहते हैं अधिकारी
ब्लड चढ़ाने के नाम पर एड्स मरीज से नाजायज राशि की वसूली एक एनजीओ को कार्यकर्ता ने की है और एड्स मरीज को प्राइवेट नर्सिंग होम में भरती कराया गया था और वहीं पर ठगी किये जाने का आरोप है. इसकी जांच की जा रही है. जांच के बाद नियमानुसार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी.
डॉ शंभूनाथ सिंह, उपाधीक्षक, सदर अस्पताल, छपरा

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