नगरा : ओपी के अफौर गांव उत्तर टोला की मुसलिम बस्ती में चंद दिन बाद आने वाली ईद की खुशी मातम में बदल गयी. जिस टोले में कई दिनों से ईद की तैयारी हो रही थी, वहां चीत्कार सुनाई देनी लगी. एक साथ चार शव देख सभी की आंखें नम थीं. चार दिन बाद पड़नेवाला ईद का त्योहार पीछे छूट गया. हर कदम उन चार घरों की ओर ही बढ़ चले थे, जो हादसे के बाद संज्ञा शून्य से हो गये हैं. जिन बच्चों के लिए नये कपड़े खरीदे जाने थे.
उनको कफन पहना दिया गया. हर आंख नम थी और एक-दूसरे को देख मौन. यही पूछा जा रहा था कि यह सब कैसे हो गया. टोला के चार बच्चों की मौत एक साथ पोखरा में डूबने से हो गयी. सभी घरों में ईद की तैयारियां चल रही थीं. मात्र चार दिन बाद ईद का पर्व है, जो फीका पड़ गया. बहरहाल सगे- संबंधियों का घटना सुन कर आने-जाने का तांता लग गया. ईद की खुशियां इस बार गम में बदल गयीं. परिजन रोज कुछ-न-कुछ चीजों की तैयारी कर रहे थे.
घटना की खबर सुनकर पहुंचे रमजान अली, अकबर हुसैन, मो रजाक हुसैन, राजेंद्र कुंअर, अख्तर हुसैन, बबलू, इकबाल आदि ने बच्चों के परिजनों को सांत्वना देते हुए कहा कि शायद ऊपर वाले को यही मंजूर था.
