सहूिलयत . स्टेशन पर लगाने के िलए स्वचालित सीढ़ी चीन से मंगा रही रेलवे
महिला और बुजुर्ग यात्रियाें को एक से दूसरे प्लेटफाॅर्म पर जाने में होगी सुविधा
छपरा (सारण) . पूर्वोत्तर रेलवे के छपरा जंकशन पर लगाने के लिए एस्केलेटर की खरीद कर ली गयी है. जल मार्ग से इसे लाया जा रहा है. छपरा जंकशन पर एस्केलेटर लगाने के लिए स्ट्रक्चर का निर्माण काफी तेजी से हो रहा है. छपरा जंकशन के प्लेटफाॅर्म संख्या एक से पांच तक को एस्केलेटर से जोड़ा जायेगा. एक एस्केलेटर पूर्वी तथा दूसरी पश्चिम साइड में लगेगा. एस्केलेटर से यात्री सीधे स्टेशन के बाहर भी उतर सकेंगे और प्लेटफाॅर्म नंबर एक से भी आ जा सकेंगे.
वर्ल्ड क्लास का बनेगा छपरा जंकशन: पूर्वोत्तर रेलवे के छपरा जंकशन को वर्ल्ड क्लास का स्टेशन बनाने की दिशा में लगातार कार्रवाई की जा रही है. नवीनतम तकनीक पर आधारित आधुनिक सुविधाएं बहाल करने की व्यापक कार्य योजना बनायी गयी है. यात्रियों को बेहतर सुविधा बहाल करने के लिए संसाधनों को विकसित किया जा रहा है. यात्रियों तथा ट्रेनों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर रेलवे प्रशासन ने यह कदम उठाया है. स्टेशन का महानगरों की तर्ज पर आधुनिकीकरण किया जा रहा है.
क्लास ए वन श्रेणी का है छपरा जंकशन : पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल का छपरा जंकशन एक मात्र ए वन क्लास का स्टेशन है. मंडल रेलवे को सर्वाधिक राजस्व देने वाले इस स्टेशन पर न केवल ट्रेनों का अधिक दबाव है, बल्कि यात्रियों की संख्या भी काफी अधिक है. इसके अनुपात में सुविधाएं काफी कम हैं. इस वजह से यात्रियों को काफी परेशानी होती है. यात्रियों को परेशानी से निजात दिलाने की दिशा में रेलवे प्रशासन ने यह कदम उठाया है.
इन्हें होगी सहूलियत : एस्केलेटर (स्वचालित सीढ़ी) लग जाने से सीढ़ी पर चढ़ने उतरने में असमर्थ यात्रियों को सहूलियत होगी. वृद्ध, विकलांग, बीमार यात्रियों को कष्ट व परेशानी से निजात मिलेगी. भारी सामान के साथ सफर करने वाले यात्रियों को भी एक प्लेटफाॅर्म से दूसरे पर जाने में सुविधा होगी.
एक से पांच नं. तक प्लेटफाॅर्म इससे जुड़ेंगे
क्या है योजना
प्लेटफार्म संख्या 6 एवं 7 का निर्माण
58 कोच की क्षमता वाले नये वाशिंग पीट का निर्माण
उत्तर दिशा में नये द्वितीय प्रवेश निकास द्वारा का निर्माण
द्वितीय प्रवेश-निकास द्वार से फोर लेन तक संपर्क पथ का निर्माण
चादर-बेड, तकिया कवर, मच्छरदानी, पर्दा की धुलाई के लिए आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित लौंड्री का निर्माण
सुरक्षा की दृष्टिकोण से स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरे का प्रावधान
खास बातें
प्रतिदिन 70 जोड़ी से अधिक ट्रेनों का होता है आवागमन
रोज यहां से चलती हैं एक दर्जन ट्रेनें
प्रतिदिन रेलवे को एक करोड़ रुपये राजस्व की होती है प्राप्ति
ए वन क्लास का है स्टेशन
प्लेटफाॅर्म की है कमी
प्लेटफाॅर्म के अभाव में आउटर पर घंटों खड़ी रहती हैं ट्रेनें
एक साथ कई ट्रेनों का आगमन होने पर सीढ़ी पर भीड़ बढ़ जाती है.
स्टेशन के आधुनिकीकरण से भीड़ नियंत्रित करना हो जायेगा आसान
क्या है स्थिति
ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन चालू कर दी गयी है.
कंप्यूटरीकृत आरक्षण केंद्र में सीसीटीवी कैमरे लगाये जा चुके हैं
छपरा जंकशन को क्लीन स्टेशन का दर्जा दिया गया है
लंबी दूरी के सभी महत्वपूर्ण ट्रेनों की सफाई और शौचालय में पानी भरने की व्यवस्था की गयी है
स्टेशन की सफाई आधुनिक मशीनों से की जा रही है
सुरक्षा के दृष्टिकोण से यात्रियों के सामान की जांच के लिए प्रवेश निकास द्वार पर लगेज स्कैनर लगाये गये हैं
कोच संख्या और उसके रुकने के स्थान की जानकारी देने वाला डिस्प्ले बोर्ड लगाया गया है
ट्रेनों के आगमन के पहले पूरा स्टेशन विशेष रोशनी से जगमगाने का प्रावधान है. ट्रेन जाने के बाद लाइट ऑफ हो जाती है. सामान्य रोशनी हमेशा रहती है
यार्ड परिसर में रोशनी का विशेष प्रावधान है
क्या कहते हैं अधिकारी
छपरा जंकशन पर यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए संसाधनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है. कई महत्वपूर्ण कार्य हाल ही में पूर्ण किये गये हैं और शेष चल रहा है. एस्केलेटर लगाने का कार्य शीघ्र पूरा कर लिया जायेगा. यहां लगाने के लिए एस्केलेटर चीन से मंगायी जा रही है.
अशोक कुमार, जनसंपर्क अधिकारी, वाराणसी मंडल, पूर्वोत्तर रेलवे
