जलजमाव बना स्टेशन रोड की पहचान

परेशानी. अपनी जिम्मेवारी से मुकर रहे हैं रेलवे व नगर पर्षद के अिधकारी जब अपनी जिम्मेवारी से मुकर रहे हो रेलवे व नगर पर्षद के अधिकारी, तो उस स्थान का हाल क्या होगा. मामला शहर के अति महत्वपूर्ण व सबसे व्यस्ततम संपर्क पथ छपरा जं. स्टेशन रोड का है. गंदगी तथा जल जमाव के कारण […]

परेशानी. अपनी जिम्मेवारी से मुकर रहे हैं रेलवे व नगर पर्षद के अिधकारी

जब अपनी जिम्मेवारी से मुकर रहे हो रेलवे व नगर पर्षद के अधिकारी, तो उस स्थान का हाल क्या होगा. मामला शहर के अति महत्वपूर्ण व सबसे व्यस्ततम संपर्क पथ छपरा जं. स्टेशन रोड का है. गंदगी तथा जल जमाव के कारण इस पथ से पैदल चलना मुश्किल हो गया है. वहीं अतिक्रमण के कारण इस पथ पर दिन भर जाम लगा रहता है.
छपरा(सारण) : शहर के अति महत्वपूर्ण तथा सबसे व्यस्ततम संपर्क पथ छपरा जंकशन स्टेशन रोड की पहचान गंदगी, जल जमाव तथा अतिक्रमण बन गया है. गंदगी तथा जलजमाव के कारण इस पथ पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है और अतिक्रमण के कारण इस पथ पर दिन भर जाम लगा रहता है. स्टेशन रोड की सफाई की जिम्मेवारी से नगर पर्षद तथा रेलवे के अधिकारी भी मुकर रहे हैं. स्टेशन रोड की भूमि पर जिला पर्षद द्वारा मार्केटिंग काॅम्प्लेक्स बनवाया गया है, जिससे जिला पर्षद को प्रति माह लाखों रुपये राजस्व की प्राप्ति होती है,
लेकिन किसी तरह की जन सुविधा का प्रबंध नहीं किया गया है. रेलवे का मुख्य नाला स्टेशन रोड से होकर गुजरता है और जाम होने पर नाले के गंदे पानी का बहाव स्टेशन रोड पर होता है, जिससे जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो रही है. स्टेशन रोड में नाला का निर्माण गलत होने के कारण सड़क का पानी नाले में जाने के बजाय सड़क पर बहता है, जिससे सालों भर इस सड़क की हालत नारकीय बनी रहती है.
सफाई अभियान से है अछूता
नगर पर्षद प्रशासन द्वारा शहर को स्वच्छ तथा साफ-सुथरा बनाने के लिए रात्रि में सफाई अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन इस अभियान से संपर्क पथ को अछूता रखा गया है. इस पथ की सफाई न तो रात में होती है और न ही दिन में. दुकानदारों द्वारा कूड़ा-कचरा निकाल कर सड़क पर ही फेंका जाता है. सड़क के बीचोबीच कूड़े-कचरे का अंबार लगा रहता है. उस पर अावारा जानवरों का जमावड़ा लगा रहता है.
अतिक्रमण का है शिकार : मार्केटिंग कॉम्पलेक्स के आगे बनाये गये बरामदे का भी दुकानदारों द्वारा ही अतिक्रमण कर लिया गया है. बरामदे का निर्माण मार्केट में आनेवाले खरीदारों के धूप व गरमी से बचाव के लिए किया गया है, लेकिन इसके प्रति जिला पर्षद प्रशासन भी उदासीन है. दुकानदारों द्वारा ही अपनी-अपनी दुकानों के आगे अतिक्रमण किया गया है. इस वजह से वाहनों को कौन कहे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है. जाम के कारण यात्रियों को सफर से वंचित रह जाना पड़ता है. जाम के कारण स्टेशन रोड में लगने वाले अवैध ठेला-खोमचा भी हैं.
इससे भी बड़ा कारण भगवान बाजार चौक पर टेंपोवालों द्वारा अवैध ढंग से स्टैंड बनाना है. स्टेशन के बाहरी परिसर में स्टैंड ठेकेदार द्वारा मनमाने ढंग से चरपहिया वाहनों तथा टेंपाे को खड़ा कराना भी जाम की समस्या का मुख्य कारण है.

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