नहीं थम रहा स्वास्थ्य विभाग के डीपीएम
का विवाद
छपरा(सारण) : जिला स्वास्थ्य समिति के संविदा पर बहाल डीपीएम धीरज कुमार के खिलाफ सिविल सर्जन द्वारा सरकार को लिखे जाने के बाद विवाद और तेज होता जा रहा है. डीपीएम पर मनमानी तथा सरकारी आदेशों की अवहेलना करने और सरकारी संपत्ति का निजी उपयोग करने जैसी शिकायतें बहुत पहले से लगती रही हैं. जिला स्वास्थ्य समिति के माध्यम से टेंडर व बहाली में मनमानी राशि वसूले जाने की शिकायतें भी हैं.
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी छपरा के नेता मो सैफूद्दीन खान उर्फ खुशरू खान ने स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिख कर जिला स्वास्थ्य समिति के माध्यम से दवा तथा उपकरणों की खरीद में बड़े पैमाने पर घोटाले का आरोप लगाते हुए जांच कराने की मांग की है. भाकपा नेता का आरोप है कि कमीशनखोरी के चक्कर में डीपीएम तथा स्वास्थ्य समिति के पदाधिकारियों द्वारा दवा का क्रय समय पर नहीं किया गया,
जिसके कारण पूरे जिले में जीवन रक्षक दवाओं का घोर अभाव बना हुआ है. गरीब व असहाय मरीजों को बाजार से दवा खरीदने को विवश होना पड़ रहा है. भाकपा नेता का कहना है कि संविदा पर बहाल डीपीएम का कार्यकलाप शुरुआती दौर से ही विवादित तथा संदिग्ध रहा है.
