सावधानी. इस्तेमाल करने में लापरवाही बन सकती है सजा
अगर आप फेसबुक व व्हाट्सएप जैसी सोशल साइटों का खूब प्रयोग करते हैं और इन साइटों के लगातार उपयोग के आदी हैं, तो सावधान ! खबर पढ़ने के बाद अब आप सोच समझ कर इन साइटों का उपयोग करें, वरना लेने-के-देने पड़ सकते हैं.आपकी थोड़ी-सी लापरवाही आपको मुश्किल में डाल सकती है. ऐसा होने से न केवल प्रतिष्ठा में आंच आयेगी बल्कि आप जेल की हवा भी खा सकते हैं.
छपरा/दिघवारा : दिघवारा में इन दिनों एक ऐसा गिरोह काम कर रहा है, जो आपकी लापरवाही का फायदा उठाने को तैयार है. गिरोह में शामिल ऐसे साइबर एक्सपर्ट पल भर में आपके फेसबुक का आइडी हैक कर लेंगे और फिर उस आइडी पर उनका नियंत्रण हो जाता है. ऐसा हो जाने पर आपके आइडी से अगर कुछ गलत होता है, तो इसके जिम्मेवार आप समझे जायेंगे. इतना ही नहीं साइबर एक्सपर्ट शातिर आपके नाम का जाली आइडी बना कर आपकी बहुत सारी गोपनीय जानकारियों को जान जायेंगे, जो बाद में आपके लिए परेशानियों का सबब बन जाता है.
अपरिचितों का फ्रेंड रिक्वेस्ट नहीं करें एक्सेप्ट : अमूमन आज का युवा वर्ग दिन भर सोशल साइटों में व्यस्त दिखता है. उसमें पल-पल अपनी साइटों पर पोस्ट हुए संवादों को देखने की बेचैनी दिखती है. इतना ही नहीं युवा वर्ग ज्यादा-से-ज्यादा फ्रेंड बनाना अपनी शान समझते हैं और इसी फेर में कुछ ऐसे अपरिचितों के भी फ्रेंड रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट कर लेते हैं, जो बाद में परेशानियों का सबब बन जाता है. लिहाजा महत्वपूर्ण बात यह है कि बिना जांचे किसी भी व्यक्ति का
फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने की भूल नहीं करें.
डिटेल जांच कर एक्सेप्ट करे फ्रेंड रिक्वेस्ट : अगर किसी शख्स ने आपके पास फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजा है, तो सबसे पहले आप उसकी प्रोफाइल फोटो को देखें और जब वह पहचान का और विश्वस्त लगे, तब उसके फ्रेंड ग्रुप में जाकर यह देखें कि उसने कैसे लोगों को अपना दोस्त बनाया है. जब इन सब बातों की जांच कर लें, तब उसका फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट करें.
प्रोफाइल फोटो की सुंदरता पर नहीं खायें धोखा : आजकल फेसबुक पर आनेवाले फ्रेंड रिक्वेस्ट के प्रोफाइल में युवतियों के आकर्षक फोटो लगे होते हैं और युवा वर्ग
उन फोटो पर आकर्षित होकर तुरंत वैसे फ्रेंड रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट कर लेता है, जो वास्तविकता में किसी लड़के द्वारा संचालित होते हैं. ऐसा धोखा बाद में परेशानियों का सबब बन जाता है.
मोबाइल व लैपटॉप पर रखें विशेष नजर : जिस मोबाइल व लैपटॉप से आप सोशल साइटों का उपयोग करते हैं, उन मोबाइल व लैपटॉप की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दें. याद यह भी रखें कि मोबाइल पर खुली साइट हमेशा खुली रहती है, इसलिए कोई दूसरा इसका इस्तेमाल नहीं करे, इसलिए सिक्यूरिटी कोड लगा कर रखें. पासवर्ड किसी से शेयर नहीं करें और समय -समय पर पासवर्ड को बदलते रहें. अगर किसी कारणवश मोबाइल को घर के बाहर चार्ज करने की नौबत आये, तो परिचित व विश्वस्त व्यक्ति के यहां ही चार्ज करें.
अपरिचितों को मोबाइल व लैपटॉप देने से बचें : अपना
मोबाइल व लैपटॉप किसी अपरिचित को देने से बचें और किसी दूसरे के मोबाइल व लैपटॉप से खुद की
सोशल साइटों का एकाउंट खोलने की कोशिश कम करें. ऐसा न हो कि सोशल साइट्स का मजा जिंदगी की सजा
बन जाये.
बच्चों के मोबाइल पर रखें विशेष ध्यान : आजकल का युवा वर्ग पढ़ाई में इंटरनेट की उपयोगिता बता कर अभिभावकों से अच्छा एंड्राइड सेट खरीदवा लेते हैं और बाद में मोबाइल से इंटरनेट की दुनिया का चक्कर लगा कर गलत संगत की गिरफ्त में फंस जाते हैं. लिहाजा अभिभावकों को समय-समय पर अपने बच्चों के मोबाइल की जांच करनी चाहिए.
