धूमल सिंह के घर से बरामद हुई थी चोरी की बाइक
छपरा (कोर्ट) : मनोरंजन सिंह उर्फ धूमल सिंह के घर से चोरी की बाइक की बरामदगी मामले के साक्षियों पर कोर्ट ने गैर जमानतीय वारंट निर्गत करने का आदेश दिया है. वहीं, सरकारी साक्षियों पर निर्गत सम्मन का अनुपालन करने का आदेश दिया गया है.
शनिवार को अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संजय प्रिय ने मांझी थाना कांड संख्या 17/99 के साक्षियों
को कोर्ट में प्रस्तुत होकर अपना साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किये जाने से नाराज एसीजेएम ने गैर सरकारी साक्षियों पर एनबीडब्ल्यू निर्गत करने का आदेश दिया है.
बताते चलें कि मांझी के तत्कालीन थानाध्यक्ष सुरेश चंद्र मिश्रा ने आठ फरवरी, 1999 को मांझी थाने में एक प्राथमिकी दर्ज कराते हुए धूमल सिंह को भादवि की धारा 414 के तहत अभियुक्त बनाया था. आरोप में कहा गया था कि उन्हें सूचना मिली थी कि धनबाद व बोकारो का कुख्यात अपराधी मनोरंजन सिंह उर्फ धूमल सिंह अपने घर भजौना आया है.
सूचना पर वे दल-बल के साथ उसके घर अहले सुबह चार बजे छापेमारी करने गये, तो पुलिस को देख धूमल सिंह फरार हो गया. दरवाजे पर खड़ी लाल रंग की बाइक को संदिग्ध पाते हुए उसकी छानबीन की,
तो वह चोरी की निकली. इस मामले
में धूमल सिंह को अभियुक्त बनाया
गया था. इस मामले में पुलिस छह जुलाई, 2015 को ही आरोप पत्र समर्पित कर चुकी है. यह मामला साक्ष्य में चल रहा है, जिसमें साक्षी गैरहाजिर चल रहे हैं.
