धीरज हत्याकांड. विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम ने की जांच
नेहरू चौक रेलवे क्राॅसिंग से पूरब हुई युवक की हत्या के मामले की जांच विधि विज्ञान प्रयोगशाला मुजफ्फरपुर की टीम ने की. युवक के घर से भी कई नमूनों का संग्रह किया. धीरज की हत्या की गुत्थी उस समय और उलझ गयी, जब उसके घर में भी खून के निशान पाये गये और खून लगा धारदार हथियार मिला.
छपरा (सारण) : पूर्वोत्तर रेलवे के छपरा कचहरी तथा छपरा ग्रामीण स्टेशन के बीच नेहरू चौक रेलवे क्राॅसिंग से पूरब हुई युवक की हत्या के मामले की जांच करने विधि विज्ञान प्रयोगशाला मुजफ्फरपुर की टीम पहुंची और मामले की जांच की. विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम ने उस स्थल पर भी जाकर मामले की जांच की, जहां से युवक का शव बरामद किया गया था. साथ ही टीम ने अमनौर थाना क्षेत्र के धरहरा कला गांव में जाकर युवक के घर से भी कई नमूनों का संग्रह किया.
युवक की हत्या के दौरान घर में भी खून के निशान पाये गये थे. जांच के दौरान जब यह खुलासा हुआ कि युवक का गला रेत कर घर में घायल करने के बाद रेलवे ट्रैक पर लाकर फेंक दिया गया था, जिसकी उपचार के लिए सदर अस्पताल ले जाने के बाद मौत हो गयी थी. घटना के दो दिनों बाद अज्ञात युवक की पहचान हुई.
वह अमनौर थाना क्षेत्र के धरहरा कला गांव का धीरज कुमार था. शव की पहचान उसकी मां ने की. रहस्यमय ढंग से की गयी धीरज की हत्या की गुत्थी उस समय और उलझ गयी, जब उसके घर में भी खून के निशान पाये गये और खून लगा धारदार हथियार मिला. इस घटना के कारणों और हत्या करनेवालों का अब तक पता नहीं चल सका है.
धान बंटाई के दिन हुई हत्या : धीरज कुमार की शादी तय हो गयी थी. 22 अप्रैल को धान बांटने की रश्म होनेवाली थी, लेकिन उसी दिन धीरज की हत्या कर दी गयी. हत्या किसने की और किन कारणों से की, इसका खुलासा नहीं हो सका है. उसकी मां भी पुलिस को कुछ भी स्पष्ट नहीं बता रही है. तीन भाइयों से सबसे छोटे धीरज के पिता डाक विभाग में नौकरी करते थे. सेवा काल के दौरान मृत्यु होने के पश्चात मझले भाई को अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिली है. वह गबन के आरोप में दो वर्ष से फरार चल रहा है. सबसे बड़ा भाई दिल्ली में रहता है. प्रथम दृष्टया धीरज की हत्या का कारण पारिवारिक विवाद माना जा रहा है.
फोरेंसिंक जांच से होगा खुलासा : धीरज हत्याकांड को सुलझाने में फोरेंसिक जांच सहायक साबित होगी और कई राज खुलने के आसार हैं. सबसे अहम बात है कि हत्या के इस मामले में साक्ष्य जुटाना भी पुलिस के कठिन चुनौती बनी हुई है. फोरेंसिक जांच रिपोर्ट को भी रेल पुलिस के द्वारा साक्ष्य के रूप में कोर्ट में प्रस्तुत किया जायेगा. फोरेंसिंक लैब की टीम ने घटना स्थल, मृतक के घर, रेलवे ट्रैक, उसके कपड़े तथा अन्य महत्वपूर्ण नमूना लिये हैं.
वाहन की है रेल पुलिस को तलाश : धरहरा कला से घायल अवस्था में रेलवे क्राॅसिंग तक लाने वाले उस वाहन की भी तलाश रेलवे पुलिस कर रही है, जिसका प्रयोग हत्यारों ने किया था. धरहरा कला से नेहरू चौक की दूरी करीब 35 किमी है. घर में धारदार हथियार से मार कर जख्मी करने के पश्चात नेहरू चौक के पास लाने के लिए किस तरह के वाहन का प्रयोग अपराधियों ने किया था. यह भी जांच का विषय है.
कहां तय हुई थी शादी : धीरज की हत्या के बाद उसकी मां यह भी स्पष्ट रूप से नहीं बता रही है कि उसकी शादी कहां तय हुई थी. 29 अप्रैल को उसकी शादी होने वाली थी. शादी के लिए स्थल के रूप में मंदिर निर्धारित था. इस हत्या के बाद लड़की वाले भी सामने नहीं आ रहे हैं. धीरज की मां भी मुंह नहीं खोल रही है. इस वजह से रेल पुलिस के लिए इसका खुलासा करना कठिन चुनौती बना हुआ है.
