छपरा : गरमी के कहर में सोमवार को भी बढ़त जारी रही. हीट स्ट्रोक का चलना व पछुआ का प्रकोप अपनी भीषणता के साथ बरकरार रखा. सुबह से ही पारा चढ़ने लगा और अष्णता से देर शाम तक छुटकारा नहीं मिला. अधिकतम तापमान 42 डिग्री रहा. जबकि 13 से 14 किलोमीटर की रफ्तार से गर्म हवाओं के थपेड़ेचलते रहे.
बच्चों को परेशानी : गरमी के इस प्रकोप में सबसे ज्यादा कष्ट छोटे बच्चों को हो रहा है. खास तौर पर उन्हें स्कूल खुले होने पर परेशानी हो रही है. मॉर्निंग शिफ्ट होने से सुबह स्कूल जाने में तो राहत है, मगर छुट्टी ऐसे समय होती है जब सूरज ठीक सिर पर होता है और गरमी अपने पूरे शबाव पर होती है. लू के झोंको के बीच उन्हें स्कूल से घर लौटना पड़ रहा है. इससे आये दिन वे बीमार हो रहे हैं. हीट स्ट्रीक, डीसेंट्री व दस्त व उलटी आम हो गयी है.
हैंड फैन ही सहारा : जैसे-तैसे गरमी में इजाफा हो रहा है. मार्केट में बिजली से चलने वाले गजेट जैसे कूलर, एसी, पंखा, फ्रीज की मांग बढ़ रही है. मगर बिजली भी जब आंख-मिचौनी खेलने लगी है, जिससे लोगों को पुराने का ही सहारा लेना पड़ रहा है. हवा खाने के लिए ताड़ के पंखों की खूब बिक्री हो रही है. वहीं तरह-तरह के डिजाइनर हैंड पंखे भी बाजार में खूब बिक रहे हैं, जिन्हें यात्रा के दौरान घर से बाहर होने पर इस्तेमाल के लिए भी लोग अपने पास रखना चाहते हैं.
देशी फ्रीज की मांग : बढ़ती गरमी व बिजली की लोड शेडिंग के बीच शीतल जल के लिए देशी फ्रीज
यानी घड़ा व सुराही की मांग बढ़
गयी है. वहीं तरबूज, खरबूज, ककड़ी व खीरा भी बाजार में खूब बिक
रहे हैं. कोल्ड ड्रिंक की सेल बढ़ने के साथ ही गन्ने के रस, फलों के जूस व लस्सी की बिक्री में भी इजाफा हुआ है.
