मानवता की मिसाल बना दूल्हा, बाबुल के घर से ससुराल रवाना हुई ‘पंच की बेटी’ आरती
12 अप्रैल को अग्निकांड में जल गया था सब कुछ
जनसहयोग से गंगा की बेटी की हुई शादी
गंगा के दामाद व समधी ने भी पेश की मिसाल
दिघवारा : कहते हैं होता वही है जो किस्मत में लिखा होता है और किसी की किस्मत में लिखी बात को शायद ही टाला जा सकता है़ वरना किसे पता था कि अग्निकांड में अपना सब कुछ गंवा चुके बसतपुर के गंगा महतो की बेटी आरती का विवाह जनसहयोग से इतना धूमधाम से संपन्न होगा.
बुधवार को जब आरती पिया नीतेश के साथ ससुराल को रवाना हुई, तो सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से विदा किया और आशीष देकर नवदंपती के सुखमय वैवाहिक जीवन की कामना भी की. दिन भर लोगों की जुबानों पर इसी विवाह की चर्चा रही. मंगलवार
को आरती के जले आशियाने के पास दिन भर मांगलिक गीतों की गूंज रही और हर कोई विवाह की तैयारियों में व्यस्त दिखा. परिजनों के अलावे ग्रामीण भी विवाह आयोजन को भव्य बनाने में जुटे रहे.
उत्सवी माहौल में हुई जयमाला की रस्म : वैशाली के गराही के मलाही गांव निवासी झपसी सिंह के पुत्र नीतेश लगभग एक सौ बारातियों के साथ दूल्हा बन कर आये तो रामजंगल सिंह इंटर कॉलेज में ठहरे व मानवता की मिसाल पेश करने वाले इस दूल्हे की एकझलक देखने के लिए कॉलेज में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. रात 10 बजे एक घंटे तक द्वार पूजा हुई और दूल्हे को कन्या पक्ष के लोगों ने तिलक चढ़ाया और रात्रि 11 बजे सैकड़ों लोगों की उपस्थिति में जयमाला की रस्म भी निभायी गयी.
आशीर्वाद देने पहुंचे गण्यमान्य : वर-वधू को सैकड़ों स्थानीय लोगों के अलावा गण्यमान्य ने घर पहुंच कर आशीर्वाद दिया. थानाध्यक्ष सतीश कुमार, सारण जिला माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला सचिव राजाजी राजेश, डॉ जेड अहमद, रामजंगल सिंह इंटर कॉलेज के सचिव अशोक सिंह, सुनील सिंह, मुन्ना सिंह, वीरेंद्र सिंह, सोनू सिंह, अनुज सिंह आदि ने पहुंच कर परिजनों के उत्साह को बढ़ाया़
परिजनों ने मदद का जताया आभार : आरती के परिजनों ने बेटी आरती के विवाह में सहयोग देने वाले हर लोगों के सहयोग का आभार जताया. पिता गंगा व मां लाखो देवी ने कहा पंच के सहयोग के बिना शादी संभव नहीं थी. पंचों ने साबित किया कि बेटी तो पंच की होती है.
