मई से सदर अस्पताल में चालू हो जायेगा एसएचसीयू
छपरा (सारण) : प्रमंडलीय मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल में एसएनसीयू (शिशुओं का आइसीयू) मई के प्रथम सप्ताह में काम करने लगेगा. इसकी कवायद विभाग ने शुरू कर दी है. सिक न्यू बॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) का भवन बन कर तैयार हो गया है. इसके लिए उपस्कर का क्रय करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है.
इसी माह में सभी उपस्करों की आपूर्ति हो जायेगी और इसे स्थापित कर दिया जायेगा. एसएनसीयू के चालू हो जाने से नवजात शिशुओं के गहन उपचार के लिए पटना या अन्य स्थान पर नहीं जाना पड़ेगा. समय पर उपचार के अभाव में नवजात शिशुओं की मौत नहीं होगी. शिशु मृत्यु दर पर काबू पाने में सहुलियत होगी.
क्या है उद्देश्य : नवजात शिशुओं की मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से एसएनसीयू की स्थापना की जा रही है. जन्म के बाद पांच वर्ष तक शिशुओं की होने वाली मृत्यु दर को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग तथा सरकार के द्वारा कई स्तरों पर अभियान चलाया जा रहा है.
इसी कड़ी में यह एक बहुत बड़ी योजना है. करीब 25 लाख की लागत से भवन का निर्माण कराया गया है. पूरी तरह वातानुकूलित एसएनसीयू के लिए उच्च क्षमता वाले बड़े साउंडलेस जेनेरेटर की व्यवस्था की गयी है.
आधुनिक उपकरण होंगे स्थापित : एसएनसीयू में नवजात शिशुओं के गहन उपचार के लिए सभी आधुनिक उपकरणों को लगाया जायेगा, जिससे गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं का उपचार हो सकेगा. इसमें वेंटिलेटर, ट्रांसपोर्ट, रूम हीटर, इंडिकेटर, टीएसटी कंट्रोल, लाइट एक्जामिनेशन मोबाइल, स्टेथोस्कोप, सर्जिकल इस्ट्रमेंट, थर्मामीटर क्लीनिकल डिजीटल, पंप संक्शन और चालित, पंप संक्शन पोर्टेबल, इरेडिएंस मीटर फॉर फोटो थेरेपी, मॉनीटर, इसीजी थ्री चैनल पोर्टेबल, इन्फैटोमीटर, एक्सरे मोबाइल समेत अन्य उपकरण लगाये जा रहे हैं.
चार चिकित्सकों समेत 21 चिकित्साकर्मी पदस्थापित : विभाग ने चार चिकित्सकों समेत 21 चिकित्साकर्मियों की पदस्थापना की गयी है, जिसमें एक शिशु रोग विशेषज्ञ, तीन एमबीबीएस, 13 ग्रेड ए नर्स, चार महिला वार्ड सेविकाएं शामिल हैं. इसके नोडल ऑफिसर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक होंगे.
मुफ्त मिलेगी उपचार की सुविधा
नवजात शिशुओं को एसएनसीयू में उपचार की सभी सुविधाएं नि:शुल्क मिलेंगी. आपातकालीन स्थिति में 10 हजार रुपये तक नोडल ऑफिसर खर्च कर सकेंगे. सभी दवाएं भी विभाग के द्वारा दी जायेंगी. 24 घंटे लगातार एसएनसीयू कार्य करेगा. यहां भरती शिशुओं की माताओं के लिए प्रतीक्षा कक्ष का भी प्रबंध किया गया है. तीन शिफ्टों में एक-एक चिकित्सक, एक-एक वार्ड सेविका और चार-चार ए ग्रेड नर्स रहेंगी.
