छूट गयी शराब व ताड़ी, पटरी पर लौटी सुनील की गाड़ी
दिघवारा : तसवीर देखिए, ये दिघवारा नगर पंचायत के वार्ड आठ के गनौर राम व रामसखी देवी का 38 वर्षीय पुत्र सुनील राम है. शायद अप्रैल माह से पहले जिस किसी ने इसे जहां कहीं भी देखा होगा, तो शराब के नशे में देखा होगा या फिर नशे में धुत ड्रामा करने की स्थिति में. नशे में लड़खड़ाते कदम ही सुनील की पहचान थे.
इस बुरी लत से आजिज इसकी बीबी ने साथ छोड़ दिया, मगर सुनील शराब की बुरी लत को नहीं छोड़ सका. मगर बीते पांच अप्रैल से प्रदेश में शराबबंदी की घोषणा के बाद से सुनील की बुरी लत स्वयं छूट गयी. बकौल सुनील, जिस शराब को छोड़ने के लिए ईश्वर से मन्नतें मांगी, फिर भी नहीं छूट सकी, उस बुरी लत को नीतीश सरकार के एक फैसले ने छुड़ा दिया. कल तक हमेशा मयखानों में नशे में धुत मिलने वाला सुनील अब दिन विभिन्न जगहों पर कमाते नजर आता है.
बदलाव सिर्फ उसी में नहीं हुआ, बल्कि मुहल्ले के लोगों ने भी अब उसके प्रति अपना सोच बदल लिया है, अब कोई सुनील को पियक्कड़ नहीं कहता है. शराब छोड़ने की लत पर सुनील ने कहा कि कल तक जो पैसा शराब पर खर्च करता था, अब उस राशि का खर्च घरेलू सामान खरीदने में करता हूं.जब से शराब छोड़ी है, लगता है जिंदगी की पटरी से उतरी गाड़ी फिर से पटरी पर आ गयी है. उसने कहा कि अब ताड़ी को भी हाथ नहीं लगाता हूं.
सुनील की बुरी लत के छूट जाने पर बेटी रेशमा व मुक्ति तथा बेटा ध्रुव व बादल काफी खुश हैं. बच्चों को इस बात की सबसे ज्यादा खुशी है कि अब कोई उनके पापा को पियक्कड़ नहीं कहेगा.
