छपरा (कोर्ट) : मशरक के गंडामन धर्मासती स्थित विद्यालय में हुए मिड डे मील हादसे के मामले में कोर्ट ने अभियोजन की गवाही को बंद करने का आदेश दिया है. गुरुवार को गंडामन हादसा मामले के सत्रवाद संख्या 811/13 में साक्ष्य को प्रस्तुत करने को लेकर कोर्ट द्वारा अंतिम तिथि निर्धारित की गयी थी.
परंतु अभियोजन द्वारा साक्ष्य को प्रस्तुत नहीं किया जा सका. इसको लेकर मामले में बचाव पक्ष के अधिवक्ता भोला प्रसाद और नरेश प्रसाद राय ने कोर्ट से आग्रह किया कि अभियोजन लगातार तीन तिथियों को साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाया तथा कोर्ट द्वारा जो पांच तिथियां दी गयी थीं, वह पूरा हो गया, इस वजह से गवाही को बंद करने का आदेश दिया जाये, ताकि आगे की कार्रवाई हो सके. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय विजय आनंद तिवारी ने बचाव पक्ष के आग्रह को स्वीकार करते हुए अभियोजन की गवाही को क्लोज करने का आदेश दिया.
सात चिकित्सकों की होनी थी गवाही : ज्ञात हो कि अभियोजन द्वारा कोर्ट से साक्ष्य हेतु पांच तिथियों की मांग की गयी थी, जिनमें उन चिकित्सकों की गवाही होनी थी, जिन्होंने मृत बच्चों का पोस्टमार्टम किया था तथा उनकी बेसरा रिपोर्ट पर अपना मंतव्य दिया था. कोर्ट ने उन सातों चिकित्सकों की पुन: गवाही कराने हेतु पांच तिथियां तय की थीं, जिसमें सभी की गवाही करानी थी. परंतु अभियोजन पहले की दो तिथियों में चार चिकित्सकों डॉ शालिग्राम विश्वकर्मा, सुरेंद्र महतो, रविशंकर सिंह और दीपक कुमार की गवाही ही करा पाया जबकि तीन अन्य चिकित्सक डॉ अरुण कुमार सिंह, प्रकाश नारायण निगम और डॉ विजय कुमार की गवाही नहीं करा पाया.
अब अभियुक्तों का होगा बयान दर्ज : अभियोजन की गवाही क्लोज होने के उपरांत अब न्यायलय द्वारा इस मामले में आरोपित किये गये अभियुक्तों का बयान दर्ज करने के लिए न्यायालय ने अगली तिथि 11 अप्रैल निर्धारित की है. उधर, मामले में आरोपित मीना देवी और अर्जुन राय की कोर्ट में पेशी हुई, जिन्हें 11 अप्रैल तक के लिए मंडल कारा भेज दिया गया.
40 गवाहों का बयान हुआ दर्ज : अभियोजन द्वारा गंडामन हादसा मामले में कुल 40 गवाहों का बयान दर्ज कराया गया. इनमें मृत बच्चों के परिजन, जप्ती सूची के गवाह, अनुसंधानकर्ता मामले के सूचक, पीड़ित बच्चे जो हादसा में बच गये, रसोइया, शूगर मिल के सहायक पदाधिकारी, उपचार करने तथा पोस्टमार्टम करनेवाले चिकित्सक और एसआइटी के सदस्य आदि शामिल हैं.
