राशन कूपन के लिए हाकिमों के दफ्तर में चक्कर लगा रही महिला

राशन कूपन के लिए हाकिमों के दफ्तर में चक्कर लगा रही महिलासंवाददाता4दरियापुर जहां बेदर्द हाकिम हो, वहां फरियाद क्या करना. यह वाकया टरवां मगरपाल पंचायत के ककरा चिलाव गांव की शैल देवी का है, जिसने भुखमरी की स्थिति में सोनपुर एसडीओ के यहां 16 फरवरी को अनाज के लिए कूपन देने के लिए आवेदन दिया. […]

राशन कूपन के लिए हाकिमों के दफ्तर में चक्कर लगा रही महिलासंवाददाता4दरियापुर जहां बेदर्द हाकिम हो, वहां फरियाद क्या करना. यह वाकया टरवां मगरपाल पंचायत के ककरा चिलाव गांव की शैल देवी का है, जिसने भुखमरी की स्थिति में सोनपुर एसडीओ के यहां 16 फरवरी को अनाज के लिए कूपन देने के लिए आवेदन दिया. वहां से प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी से संपर्क करें लिख कर आवेदन को वापस कर दिया. इस आवेदन को लेकर 17 फरवरी से पूरे मार्च माह तक वह दौड़ लगाती रही, लेकिन कोई बात नहीं बनीं. पुनः पांच अप्रैल को प्रखंड कार्यालय में एसडीओ के द्वारा आवेदन पर लिखे गये जर्जर हो चुके कागज के साथ सोनपुर बीडीओ सह निर्वाची पदाधिकारी के कक्ष में अपना दुखड़ा रोते हुए बयान करने लगी, तो वहां बैठे सभी लोग भावुक हो गये. इस पर बीडीओ सह निर्वाची पदाधिकारी प्रशांत कुमार ने अपने जेब से सौ रुपये दिये. साथ ही ककरा चिलावे के डीलर को मानवता के आधार पर 15 किलो चावल तथा गेहूं देने को माबाइल से कहा. वहीं शैल देवी बार- बार अनाज के लिए कूपन की व्यवस्था करने की मांग कर रही थी. शैल देवी के चार बच्चों में से सबसे बड़े आठ वर्षीय पुत्र की मौत मामूली बुखार के कारण हो गयी. क्योंकि इलाज के पैसे नहीं थे. पति राजेंद्र गिरि दैनिक मजदूरी करते हैं लेकिन इन दिनों दैनिक मजदूरी नहीं मिल पा रही है. जिस कारण भोजन के लिए भी लाले पड़ गये हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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