कार्य क्षमता विकास के लिए कौशल उन्नयन आवश्यक : अपर निदेशक

शिविर में चिकित्साकर्मियों को गर्भवती महिलाओं की देख-भाल व नवजात शिशुओं के उपचार के बारे में दी गयी जानकारी छपरा (सारण) : मातृ शिशु मृत्यु दर नियंत्रण विषयक तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम बुधवार को संपन्न हो गया. सदर अस्पताल में क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधन इकाई तथा जपाइको की ओर से आयोजित शिविर में चिकित्साकर्मियों को गर्भवती […]

शिविर में चिकित्साकर्मियों को गर्भवती महिलाओं की देख-भाल व नवजात शिशुओं के उपचार के बारे में दी गयी जानकारी

छपरा (सारण) : मातृ शिशु मृत्यु दर नियंत्रण विषयक तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम बुधवार को संपन्न हो गया. सदर अस्पताल में क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधन इकाई तथा जपाइको की ओर से आयोजित शिविर में चिकित्साकर्मियों को गर्भवती महिलाओं की देख-भाल तथा नवजात शिशुओं के उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी. इस अवसर पर क्षेत्रीय अपर निदेशक डॉ बीके उपाध्याय ने शिविर में दिये गये प्रशिक्षण का सदुपयोग करने और मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने पर बल दिया. उन्होंने कहा कि चिकित्साकर्मियों की कार्य क्षमता के विकास के लिए कौशल उन्नयन किया जा रहा है,
जिससे आम जनों को गुणवत्तायुक्त चिकित्सा सेवा का लाभ मिल सकेगा. जपाइको की डॉ पल्लवी ने कहा कि प्राप्त प्रशिक्षण का सही ढंग से इस्तेमाल करने से लेवर वार्ड का सुदृढ़ीकरण होगा एवं गर्भवती महिलाओं को बेहतर सेवाएं मिलेंगी. प्रसव कक्ष में गुणवत्तापूर्ण सेवा मिल सकेगी.
क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक अनिशा ने कहा कि मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चल रहा है. इसके लिए कई स्तरों पर प्रयास किया जा रहा है. महिलाओं के गर्भवती होने से लेकर शिशु के जन्म के बाद तक फालोअप किया जा रहा है. शिविर में डॉ नीला सिंह, डॉ के ओझा, डॉ सानिया ब्रदर, डॉ रविशंकर प्रसाद सिंह, डॉ चंदेश्वर सिंह के अलावा प्रसव कक्ष के एएनएम, ग्रेड ए नर्स आदि ने भाग लिया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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