बाइकों के साथ छह गिरफ्तार
हाल के दिनों में मोटरसाइकिल चोरी की घटना बढ़ गयी थी़ इससे पुलिस भी परेशान थी़ इस दौरान मशरक थाने की पुलिस को भारी सफलता हाथ लगी है़ उसने वाहन लुटेरा गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया है. इनसे बाइक लूट की कई घटनाओं के खुलासे की संभावना है़
छपरा (सारण)/मशरक : चोरी तथा लूट की आधा दर्जन बाइकों के साथ छह अपराधियों को गिरफ्तार करने में मशरक थाने की पुलिस को सफलता मिली है. पकड़े गये सभी अपराधियों का तार अंतरजिला बाइक चोर व लुटेरा गिरोह से जुड़ा हुआ है. पुलिस को यह सफलता उस समय हाथ लगी जब गुप्त सूचना के आधार पर अरना पुरब टोला निवासी विनय कुमार को चोरी की एक बाइक के साथ पकड़ा गया और पूछताछ के दौरान मिले सुराग के आधार पर तथा उसकी निशानदेही पर छापेमारी की गयी.
छापेमारी के दौरान आधा दर्जन चोरी व लूट की बाइक बरामद की गयी तथा इस गिरोह के आधा दर्जन अपराधी पुलिस के हत्थे चढे. यह अभियान पुलिस ने गुरुवार को विभिन्न गांवों में चलाया. पकड़े गये अपराधियों से कई महत्वपूर्ण सुराग पुलिस को मिली है. इसके आधार पर अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. इसकी जानकारी मढ़ौरा के एसडीपीओ अशोक कुमार सिंह ने शुक्रवार को थाना परिसर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पत्रकारों को दी.
उन्होंने बताया कि विनय की गिरफ्तारी के बाद थानाध्यक्ष ने इसकी सूचना दी, जिस पर एसपी सत्यवीर सिंह ने एसडीपीओ मढ़ौरा के नेतृत्व में एक टीम बनायी गयी. छापेमारी में थानाध्यक्ष विनय कुमार, सअनि सतीश कुमार सहित सैप के जवान शामिल थे. एसडीपीओ अशोक कुमार सिंह ने बताया कि सबसे पहले इस गिरोह के अरना पूरब टोला निवासी विनय कुमार को गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर छपिया गांव से विकाश कुमार, अनिल सिंह, गुड्डू सिंह, सिसई गांव से धनेश सिंह तथा पदमौल से उदय बहादुर राय को चोरी के बाइक साथ गिरफ्तार किया गया.
सभी के खिलाफ मशरक थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी है. गिरफ्तार अपराधियों को मंडल कारा छपरा भेज दिया गया है. एसडीपीओ ने कहा कि चोरी की बाइक रखनेवालों पर पुलिस की कड़ी निगाह है और इस तरह के लोग शीघ्र पुलिस की गिरफ्त में होंगे. उन्होंने कहा कि इस गिरोह का तार पड़ोसी जिला सीवान, गोपालगंज तथा बेतिया, मोतिहारी व मुजफ्फरपुर से भी जुड़ा हुआ है.
जो यहां से बाइक चुराकर दूसरे जिले के फर्जी कागजात बना सस्ते दाम में बेचते थे
फर्जी कागजात बनानेवालों से संबंध की आशंका
पकड़े गये अपराधियों का संबंध वाहनों की फर्जी कागजात बनाने वाले गिरोह से भी जुड़े होने की आशंका है. पुलिस के द्वारा जांच की जा रही है. ऐसी सूचना मिला कि चोरी के बाइकों की फर्जी कागजात बनाकर इन अपराधियों द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के हाथों कम कीमत में बेचा जाता है. उन्होंने लोगों को चेतावनी दी गयी है कि वे अपने वाहन की कागजात का सत्यापन करा ले, पुरानी वाहन खरीदने के पहले उसकी कागजात की परिवहन विभाग में जाकर अवश्य जांच करायें.
