किसी भी सीट से ताल ठोंकने को तैयार हैं उम्मीदवार पंचायत चुनाव को लेकर चर्चा तेज परसा. विस चुनाव संपन्न होते ही आगामी अप्रैल में होनेवाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की चर्चा प्रत्येक चौक-चौराहे पर चाय की चुस्की के साथ जोरों पर चल रही है. सबसे दिलचस्प बात यह है कि बिहार में पंचायत की सीटों के उलट-फेर की आशंका को लेकर जुबानी जंग शुरू हो गयी है. प्रखंड की 13 पंचायतों में मुखिया की दो सुरक्षित सीटों पर खास कर ज्यादा निगाहें टिकी हैं. प्रखंड की सगुनी सुरक्षित महिला मुखिया तथा बनौत सुरक्षित पुरुष सीटों पर पंचायत के नये उम्मीदवारों की निगाहें टिकी हैं. सुरक्षित दोनों सीटों पर सामान्य जाति की मुखिया का पद होने की उम्मीद में कई नये चेहरे सामने आने लगे हैं. दोनों पंचायतों के मुखिया, समिति सदस्य, सरपंच के पदों के लिए कई नये चेहरे क्षेत्रों की जनता की सेवा में जुट गये हैं. वहीं, प्रखंड के शोभेपुर में मुखिया पद पर अरविंद राय, पचरुखी पंचायत में महिला शकीला बानो, भेल्दी में महिला पद, पचलख में महिला पद पर संध्या देवी, चांदपुरा में महिला पद पर सरस्वती देवी, अंजनी में पुरुष पद पर नागेंद्र राय, अन्याय में संजय कुमार साह, बलिगांव में राजकिशोर राय, माड़र में महिला पद पर गायत्री देवी, बहरमाड़र में पुरुष पद पर अख्तर हुसैन, परसौना में महिला पद पर उर्मिला देवी मुखिया पद पर निर्वाचित हैं. प्रखंड की 13 पंचायतों में एक सुरक्षित सीट पर महिला मुखिया तथा छह अन्य पंचायतों में महिला मुखिया पंचायत का नेतृत्व कर रही हैं. 13 पंचायतों में सीटों की फेर बदल की उम्मीद पर नये चेहरे पंचायतों में ग्रामीणों की सेवा में जुट गये हैं. सभी पंचायतों के नये-पुराने चेहरे सीटों की घोषणा के इंतजार में निगाहें टिकी हैं. खास कर पंचायत चुनाव में सबसे ज्यादा मुखिया पद के लिए उम्मीदवारी होने की संभावना व्यक्त की जा रही है. समिति सदस्य की तैयारी भी काफी तेजी में है. संभावित उम्मीदवार सीटों की घोषणा की चिंता किये बगैर पंचायत में किसी भी सीट से उम्मीदवारी की ताल ठोंकने को तैयार हैं. सबसे कम सरपंच पद के लिए उम्मीदवारों के चेहरे छिपे हुए हैं. अभी तक किसी भी पंचायत में सरपंच की तैयारी को लेकर आम जनता से मिलने-जुलने के चेहरे साफ तौर पर सामने नहीं उभर रहे हैं. परसा प्रखंड की 13 पंचायतों में जिला पर्षद की दो सीटें हैं. इनमें परसा पूर्वी तथा परसा पश्चिमी दोनों पद महिलाओं के हैं. इस बार जिला पर्षद सीटों पर भी निगाहें टिकी हुई हैं. खास कर एक जिला पर्षद पद के सुरक्षित होने को लेकर असमंजस में फंसे हुए हैं.
किसी भी सीट से ताल ठोंकने को तैयार हैं उम्मीदवार
किसी भी सीट से ताल ठोंकने को तैयार हैं उम्मीदवार पंचायत चुनाव को लेकर चर्चा तेज परसा. विस चुनाव संपन्न होते ही आगामी अप्रैल में होनेवाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की चर्चा प्रत्येक चौक-चौराहे पर चाय की चुस्की के साथ जोरों पर चल रही है. सबसे दिलचस्प बात यह है कि बिहार में पंचायत की सीटों […]
